• आदिम जाति कल्याण विभाग में कमिश्नर की कार्रवाई का विरोध

  • हंगामे के बाद समझौता बैठक

भोपाल। सतपुड़ा भवन में आदिम जाति कल्याण विभाग के कमिश्नर से नाराज कर्मचारियों ने बुधवार को दफ्तर में जमकर हंगामा कर दिया। कर्मचारियों की नाराजगी एक बाबू को सस्पेंड किए जाने को लेकर थी। नाराज कर्मचारियों की नारेबाजी और प्रदर्शन के बीच आखिरकार अफसरों को समझौता बैठक बुलानी पड़ी। लेकिन प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी बंद कमरे में चर्चा करने को लेकर तैयार नहीं हैं मंत्रालय के समीप सतपुड़ा भवन में यह हंगामा आज सुबह दफ्तर खुलने के साथ शुरू हुआ। इसके बाद एकजुट हुए कर्मचारी अधिकारी के विरुद्ध प्रदर्शन और नारेबाजी करने के लिए एकजुट हो गए। जमकर हंगामे और नारेबाजी के बीच कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए दोपहर 12 बजे अधिकारी इस मामले में समझौता बैठक के लिए तैयार हुए। लेकिन कर्मचारी संगठन और कर्मचारी बंद कमरे में बैठक करने के बजाय खुले में चर्चा करने के लिए दबाव बनाते रहे। घटना को लेकर कर्मचारियों का कहना है कि आज सुबह आदिम जाति कल्याण विभाग के कमिश्नर श्रीमन शुक्ला ने एलडीसी हर्षपाल को फोन किया और कहा कि जल्दी आफिस आ जाओ, आदेश टाइप करना है। बाबू हर्षपाल ने कहा कि आता हूं। इसके बाद वह दस बजे पहुंचा तो कमिश्नर शुक्ला ने उसे डांटते हुए भला बुरा कहा और बोतल उस पर फेंककर मारी।इसके बाद कर्मचारियों को जानकारी लगने पर सभी एकजुट हो गए और हंगामा कर नारेबाजी करने लगे। विवाद बढ़ता देख कमिश्नर शुक्ला ने पुलिस बुला ली लेकिन तब भी हंगामा नहीं थमा। इसके बाद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच बैठक कर समझौता करने का निर्णय हुआ लेकिन अब तक कोई समझौता हो नहीं सका है।

सस्पेंशन खत्म नहीं हुआ तो आंदोलन

कर्मचारियों के कमिश्नर श्रीमन शुक्ला के विरुद्ध नारेबाजी के बाद कर्मचारी नेताओं और कर्मचारियों ने दफ्तर में ही गेट मीटिंग की। इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने दफ्तर के कर्मचारियों को समझाया कि कोई कर्मचारी किसी को अपशब्द नहीं कहेगा लेकिन काम भी नहीं करेगा। अगर कोई अधिकारी कोई फाइल मांगेगे या कुछ काम करने को कहेगा तो भी काम नहीं करेंगे। क्योंकि कमिश्नर के एक्शन के बाद भी किसी अधिकारी ने साथ नहीं दिया है। सभी कर्मचारी ऐसी स्थिति में अधिकारी को मना करेंगे। अगर शाम तक कमिश्नर कर्मचारी का सस्पेंशन वापस नहीं लेते हैं तो ज्ञापन के माध्यम से आंदोलन की जानकारी दी जाएगी और फिर कर्मचारी प्रदर्शन आंदोलन तेज करेंगे।