फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करने वाले 24 सरकारी शिक्षकों पर एफआईआर
- सरकार से लिया करोड़ों का वेतन
दमोह। शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों के मामले की शिकायत दो साल पहले की गई थी। लेकिन, अधिकारियों द्वारा जानबूझकर इस मामले को दबाए रखा गया, जिसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा। अब कलेक्टर ने शिक्षकों पर एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं। दमोह जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति का मामला सामने आया है, जिसमें जिला प्रशासन द्वारा जांच के बाद 24 शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें 10 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि बाकी 14 शिक्षकों की विभागीय जांच चल रही है। जांच के दौरान 40 शिक्षक ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने फर्जी अंकसूचियों के माध्यम से नौकरी प्राप्त की थी। कई शिक्षक तो ऐसे हैं जो 20 साल से नौकरी कर रहे हैं, जिन्होंने शासन से वेतन के रूप में करोड़ों रुपए प्राप्त भी किए हैं। जिन शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी मिले हैं, उनमें सभी के अलग-अलग मामले हैं। जांच में यह बात सामने आने के बाद कलेक्टर सुधीर कोचर ने एफआईआर के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों के मामले की शिकायत दो साल पहले की गई थी। लेकिन, अधिकारियों द्वारा जानबूझकर इस मामले को दबाए रखा गया, जिसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा।

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