बांद्रा हिंसा: पुलिस पर हमला, 15 लोग हिरासत में, हत्या के प्रयास का केस दर्ज
मुंबई। बांद्रा रेलवे स्टेशन के समीप स्थित गरीब नगर इलाके में बुधवार को रेलवे प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ मुहिम के दौरान अचानक हिंसक झड़प देखने को मिली। अवैध झोपड़ियों को जमींदोज करने पहुंची रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीम पर करीब 100 से 150 लोगों की उग्र भीड़ ने धावा बोल दिया और सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद मुंबई पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) सहित विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 15 उपद्रवियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुआ था पीला पंजा, नोटिस की मियाद थी पूरी
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की शिकायत के अनुसार, पश्चिम रेलवे के सहायक मंडल अभियंता ने बीते 13 मार्च 2026 को ही इस अवैध निर्माण को हटाने का आधिकारिक नोटिस जारी किया था। इसके खिलाफ स्थानीय सोसायटियों (एकता वेल्फेयर सोसाइटी और गरीब नगर रहिवासी वेल्फेयर संघ) ने मुंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाते हुए पात्र झुग्गीवासियों के वैध अधिकारों की रक्षा करने की बात कही, लेकिन साथ ही बचे हुए सभी अवैध निर्माणों को ढहाने की हरी झंडी दे दी थी। इसी आदेश के तहत रेलवे ने 19 मई से 23 मई 2026 के बीच यह निष्कासन अभियान तय किया था।
लाउडस्पीकर की चेतावनी भी बेअसर, दोपहर बाद असामाजिक तत्वों ने भड़काई हिंसा
शांतिपूर्ण ढंग से कार्रवाई पूरी करने के लिए निर्मल नगर पुलिस स्टेशन से अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया था। 19 मई को शुरू हुई कार्रवाई जब 20 मई को दोबारा सुबह 10 बजे शुरू की गई, तो दोपहर करीब 4:30 बजे अचानक माहौल बिगड़ गया। कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर महिलाओं और पुरुषों की बड़ी भीड़ को उकसाकर मौके पर इकट्ठा कर लिया। ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों ने मेगाफोन (लाउडस्पीकर) के जरिए भीड़ को वहां से हट जाने और शांति बनाए रखने की चेतावनी दी, लेकिन उपद्रवियों ने कानून को ताक पर रखकर हमला कर दिया।
पथराव में कई जवान लहूलुहान; आरपीएफ जवान की नाक और पुलिसकर्मी का हाथ टूटा
गुस्साई भीड़ ने भारी संख्या में सीमेंट ब्लॉक, पत्थर और मलबे उठाकर पुलिस व आरपीएफ जवानों पर फेंकने शुरू कर दिए। स्थिति को बेकाबू होता देख पुलिस ने बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा। इस जानलेवा हमले में कई रक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए:
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आरपीएफ कांस्टेबल जितेंद्र कुमार: नाक पर सीधा पत्थर लगने के कारण उनके नाक की हड्डी टूट गई।
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पुलिस हवलदार प्रतीक दगडू जाधव (36 वर्ष): हमले के दौरान उनके दाहिने हाथ के अंगूठे में गंभीर फ्रैक्चर आया है।
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अन्य घायल सिपाही: पुलिस सिपाही चंद्रकांत मुकुटराव, नवनाथ अण्णा, ओमकार दीपक कोली और दत्तात्रेय तानाजी बागुल को हाथ, कलाई और कंधों की हड्डियों में गंभीर चोटें आई हैं। इस हिंसा में कुछ स्थानीय नागरिक भी जख्मी हुए हैं।
15 आरोपी नामजद गिरफ्तार, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज
इस उपद्रव के दौरान सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया है। पुलिस ने मौके से ही 10 मुख्य आरोपियों को दबोच लिया था, जिनकी पहचान मोहम्मद दिलशाद नूरमोहम्मद शेख, जाकिर जैनुद्दीन अब्बासी, मोहम्मद साजिद अंसारी, सलाउद्दीन मेहउद्दीन शेख, रहीम मुसीर खान, मोहम्मद अरबान, नाजिम रफीक, मोहम्मद दिलशाद अहमद, इसरार इकबाल खान और मोफिन अब्दुल हमीद खान के रूप में हुई है। इसके बाद छानबीन कर 5 और उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया। निर्मल नगर थाना पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि हिंसा के पीछे के मुख्य साजिशकर्ताओं का पता लगाया जा सके।

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