• समर्थन में एक करोड़ सुझाव मिले

नई दिल्ली।  लोकसभा ने बुधवार रात करीब एक बजे वक्फ संशोधन विधेयक बहुमत से पारित कर दिया। विधेयक के पक्ष में 288, जबकि विरोध में 232 मत पड़े। सदन ने विपक्ष के सभी संशोधनों को भी ध्वनिमत से खारिज कर दिया। विपक्षी सांसद एनके प्रेमचंद्रन के संशोधन प्रस्ताव पर रात सवा बजे मतदान हुआ, जो 231 के मुकाबले 288 से खारिज हो गया। इसमें बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्य न रखने का प्रस्ताव था। विधेयक पर लोकसभा में 12 घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई। आज विधेयक को राज्यसभा में पेश किया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये सवाल ही नहीं उठता है कि मुसलमानों के धार्मिक मामलों या वक्फ के मामलों में गैर मुस्लिम का कोई दखल होगा। अगर कोई मुसलमान खुद ट्रस्ट बनाकर अपनी संपत्ति का प्रबंधन करना चाहता है तो उसे वक्फ बोर्ड में शामिल करने की जरूरत नहीं है। इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। अगर कोई अपनी संपत्ति वक्फ बोर्ड को देता है तो उस संपत्ति का ही प्रबंधन वक्फ बोर्ड करता है और वक्फ बोर्ड सिर्फ संपत्ति के प्रबंधन के लिए है, इसमें धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का कोई सवाल नहीं है। वक्फ संपत्ति की देखरेख करने वाले मुतवल्ली पर निगरानी करने के लिए वक्फ बोर्ड बनाया गया है।  रिजिजू ने कहा कि देश की आजादी के बाद 1954 में वक्फ को लेकर राज्यों में बोर्ड का गठन हुआ। 1995 में इसे लेकर विस्तृत कानून आया। वक्फ को लेकर स्पष्ट कानून आए। साल 2013 में यूपीए सरकार ने चुनाव के वक्त वक्फ कानून में कुछ बदलाव किए। उस वक्त भी जेपीसी गठन हुआ, जिसमें 13 सदस्य थे। इस बार 31 सदस्य थे। उस बार जेपीसी की बैठक 22 हुईं और इस बार 36 बैठकें। उस समय 14 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से चर्चा हुई और इस बार 25 राज्यों के साथ ही कई अन्य संगठनों और सांसदों से चर्चा की गई। साथ ही लाखों की संख्या में सुझाव मिले। पहले समिति ने सिर्फ जम्मू, श्रीनगर औऱ लेह का ही दौरा किया, लेकिन इस बार 10 शहरों में समिति के सदस्यों ने दौरा किया। 

'एक करोड़ सुझाव मिले'

किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन में छोटे-बड़े एक करोड़ सुझाव मिले हैं। संयुक्त संसदीय समिति ने 10 शहरों में जाकर विधेयक को लेकर लोगों की राय जानी और 284 संगठनों से बातचीत की गई। वक्फ संशोधन विधेयक पर आज राज्यसभा में चर्चा हो रही है। कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन पार्टी की तरफ से बहस की शुरुआत करेंगे। सैयद नासिर हुसैन कांग्रेस संसदीय समिति के राज्यसभा में पार्टी व्हिप भी हैं। सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करेंगे। 

वक्फ विधेयक राज्यसभा में पेश

वक्फ संशोधन विधेयक राज्यसभा में पेश कर दिया गया है। अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में बिल पेश कर अपना संबोधन शुरू कर दिया है। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, 'कल 12 घंटे वक्फ पर चर्चा हुई...उसके बाद वोटिंग हुई और यह सब साढ़े 14 घंटे चला। सरकार सीधे इस बिल को पास करा सकती थी लेकिन इस बिल को JPC में भेजने का प्रस्ताव सरकार ने खुद किया था। कल पूरा देश देख रहा था कि 12 घंटे चर्चा में उन्होंने हिस्सा लिया लेकिन फिर भी वे कह रहे थे कि उन्हें (विपक्ष) बोलने नहीं दिया जा रहा है। कल ये जो बिल पास हुआ है इससे सभी को फायदा होगा, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल को फाड़ दिया। वो इस पर विरोध कर सकते थे लेकिन बिल नहीं फाड़ सकते थे।'