देवास।
मध्य प्रदेश के देवास में खुद को कानून से उपर समझने वाले एक भाजपा नेता अपर सत्र न्यायाधीश से भिड़ गए। उसने न सिर्फ न्यायाधीश से अभद्रता की बल्कि अंगुली दिखाकर एससी—एसटी एक्ट और थाने में एफआईआर दर्ज कराने तक की धमकी दे डाली। मजिस्ट्रेट ने जब थाने में शिकायत की तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में प्रशासन एक्शन में आया और नेता की अवैध सल्तन पर बुल्डोजर चला दिया। नेता जी सीधे लॉकअप में पहुंच गए।
दरअसल देवास में भाजपा नेता को जज के साथ दुर्व्यवहार करना बेहद महंगा पड़ गया। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रसन्न बहरावत के साथ बीच सड़क पर अभद्रता करने वाले भाजपा नेता पंकज घारू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद प्रशासन ने आरोपी के अवैध धंधों पर चोट करते हुए उसके अवैध पोल्ट्री फार्म और अन्य निर्माणों को जमींदोज कर दिया।
जज ने गाड़ी हटाने को कहा तो लड़ने लगे थे नेताजी जी
मामला मंगलवार का है, जब न्यायाधीश प्रसन्न बहरावत अपनी कार से कोर्ट की ओर जा रहे थे। जयश्री नगर में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पंकज घारू और उसके साथियों ने अपनी स्कॉर्पियो सड़क के बीच में खड़ी कर रखी थी। जब जज ने गाड़ी हटाने को कहा, तो आरोपियों ने रास्ता देने के बजाय बहस शुरू कर दी।
जज से अभद्रता का वीडियो आया सामने
दरअसल जज से भाजपा नेता द्वारा अभद्रता करने का पूरा वीडियो सामने आया है। इसमें पंकज घारू व उसके साथी जज पर चिल्लाते हुए बदसलूकी करते दिख रहे हैं। जब जज ने साक्ष्य के तौर पर फोटो खींचने चाहे, तो उन्हें रोका गया और उनकी कार का गेट तक नहीं खुलने दिया गया। वीडियो में वे न्यायाधीश को रोकते, वीडियो बनाते और जज के खिलाफ हरिजन थाने में एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर कराने की धमकी दे रहे हैं। नाहर दरवाजा पुलिस ने जज की शिकायत पर मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी पंकज घारू को हिरासत में ले लिया है।
सरकारी जमीन पर कब्जा, बना रखा था पोल्टी फॉर्म
जज से अभद्रता मामले में पुलिस के अलावा राजस्व विभाग भी सक्रिय हुआ और तहसीलदार सपना शर्मा के नेतृत्व में टीम ने घारू के अवैध ठिकानों पर दस्तक दी। प्रशासन के अनुसार, आरोपी ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर पोल्ट्री फार्म बना रखा था। पूर्व में दिए गए नोटिसों की अनदेखी करने पर प्रशासन ने जेसीबी चलाकर अवैध निर्माण को मलबे में तब्दील कर दिया।
अधिवक्ता नहीं करेंगे पैरवी
इस मामले में देवास अधिवक्ता संघ भी आगे आया और जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष अशोक वर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि कोई भी वकील आरोपी पंकज घारू की पैरवी नहीं करेगा। संघ ने इस संबंध में एक पत्र जारी कर सभी सदस्यों को सूचित कर दिया है।
नेताओं के अवैध कारोबार को खंगाल रहा प्रशासन
पुलिस के मुताबिक, पंकज घारू तो गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन उसके दो अन्य साथी, जिनमें भीम घारू भी शामिल है फिलहाल फरार हैं। थाना प्रभारी अमित सोलंकी ने स्थानीय मीडिया को जानकारी दी है कि कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही वे पुलिस की गिरफ्त में होंगे। बता दें कि प्रशासन इन नेताओं के अवैध कामों और कारोबार को खंगालने में जुट गया है।