भोपाल। 
कांग्रेस ने धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के हालिया बयान पर तीखा ऐतराज जताते हुए कहा है कि ऐसे वक्तव्य समाज में सौहार्द बिगाड़ने वाले हैं और इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि “माला और भाला रखने” जैसे बयान सामाजिक समरसता के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शास्त्री लगातार विभाजनकारी भाषा का उपयोग करते हैं और प्रशासन को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। नायक ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि शास्त्री को भाजपा कार्यालय में जाकर बैठना चाहिए, क्योंकि उनके बयान राजनीतिक कार्यकर्ता जैसे लगते हैं।
दरअसल, बागेश्वर धाम में कथा के दौरान धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि केवल “सीता-राम” जपने से धर्म नहीं बचेगा। हिंदुत्व को बचाने के लिए मठ से बाहर निकलना पड़ेगा और “माला के साथ भाला भी रखना पड़ेगा।” उनके इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इसी बीच, बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर 300 बेटियों के सामूहिक विवाह की तैयारियां भी चल रही हैं। जानकारी के मुताबिक इनमें कई दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियां शामिल हैं। चयन देश के विभिन्न राज्यों से किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और बिहार समेत अन्य राज्य शामिल हैं। एक कन्या नेपाल से भी बताई जा रही है। शास्त्री के बयान को लेकर जहां समर्थक इसे धार्मिक चेतना का आह्वान बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस इसे सामाजिक सद्भाव के खिलाफ मानते हुए कार्रवाई की मांग कर रही है। फिलहाल, मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है।