भोपाल, सबकी खबर।

एक बड़े मीडिया हाउस द्वारा किए गए सनसनीखेज स्टिंग ऑपरेशन के बाद मध्य प्रदेश लोकायुक्त संगठन में मचे हड़कंप के बीच 'सबकी खबर' ने सीधे लोकायुक्त महानिदेशक (DG) योगेश देशमुख (IPS) से तीखे और कड़े सवाल पूछे। बेदाग छवि के सीनियर आईपीएस अधिकारी योगेश देशमुख ने बिना किसी हिचकिचाहट के संगठन में लगी इस 'दीमक' और अपनी कमियों को स्वीकार किया, लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया कि इस एक घटनाक्रम से पूरी संस्था को बदनाम करना ठीक नहीं है। उन्होंने भ्रष्टाचारियों और दलालों के खिलाफ पूरी संस्था के 'रीस्ट्रक्चरिंग' और 'क्लीन-अप' का एक कड़क प्लान सामने रखा है।
तीखे सवाल और DG योगेश देशमुख के दो टूक जवाब

  • सवाल: भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन से संस्था की छवि धूल-धूसरित हुई है, आप तक यह सूचनाएं क्यों नहीं थीं?
  • DG योगेश देशमुख: "इसमें कोई शंका नहीं है कि संस्था को बहुत बड़ा डेंट लगा है। व्यक्तिगत तौर पर हम सभी इससे आहत हैं। मीडिया हमारी आंख-कान है और इस स्टिंग से हमारी कमियां उजागर हुई हैं। यह एक काल्पनिक जाल बिछाकर इंसानी लालच (Greed) को सामने लाने का प्रयास था, जिसमें हमारे नीचे के कुछ मैदानी कर्मचारी और दो डीएसपी फंस गए। जैसे ही यह सामने आया, हमने बिना किसी हिचकिचाहट के दोनों डीएसपी को हटाकर पीएचक्यू (PHQ) सस्पेंशन के लिए भेजा और बाकी कर्मियों को तत्काल सस्पेंड किया।"
  • सवाल: पहले लोकायुक्त में पोस्टिंग को सजा माना जाता था, अब लोग सिफारिश लगाकर 'वसूली' के लिए यहाँ आते हैं?
  • DG योगेश देशमुख: "सिफारिश का प्रयास लोग जरूर करते होंगे, लेकिन मेरी खुद की पोस्टिंग यहाँ बिना किसी सिफारिश के शासन ने की है। हाँ, यह बात सही है कि पिछले कुछ वर्षों में समाज के हर वर्ग में नैतिक गिरावट आई है और हम समाज से अलग नहीं रहते, तो उसका रिफ्लेक्शन यहाँ भी दिखेगा। लेकिन हम हताश नहीं हैं। आने वाले अफसरों के रिकॉर्ड की सख्ती से छंटनी होगी और गड़बड़ी करने वालों पर तत्काल कठोर कार्रवाई होगी।"
  • सवाल: छवि सुधारने और बिचौलियों का नेक्सेस तोड़ने के लिए अब क्या नया प्लान है?
  • DG योगेश देशमुख: "हम पूरी व्यवस्था को टाइट कर रहे हैं। आज ही मैंने 'इंटरनल विजिलेंस सेल' (आंतरिक सतर्कता विंग) का गठन कर दिया है, जिसके मुखिया एक डीआईजी (DIG) होंगे। यह सेल हमारे अपने ही सिपाहियों और अधिकारियों की हरकतों पर नजर रखेगा। इसके अलावा, एक प्रस्ताव भेजा जा रहा है जिसके तहत सभी जांच अधिकारियों (IOs) के कमरों में वीडियो कैमरे लगाए जाएंगे ताकि पर्दे के पीछे होने वाली हर बातचीत रिकॉर्ड हो सके। बिल्डिंग में एंट्री करने वाले हर बाहरी व्यक्ति का बकायदा रिकॉर्ड रखा जाएगा।"
  • सवाल: भास्कर की रिपोर्ट कहती है कि 1 जनवरी से 31 मार्च तक कोर्ट ने लोकायुक्त के 35 चालान/खात्मा रिपोर्ट को तकनीकी गड़बड़ी के कारण वापस कर दिया?
  • DG योगेश देशमुख: "यह जानकारी मीडिया ठीक से समझ नहीं पाई, इसमें तकनीकी फाल्ट है। जिन 32 चालानों की वापसी की बात है, वे 2011 से लेकर अब तक के बेहद पुराने प्रकरण थे, जिन्हें हाई कोर्ट के '3 महीने में निराकरण' के दबाव के चलते अदालतों ने वापस किया। असलियत यह है कि इस साल हमने रिकॉर्ड 68 चालान कोर्ट में पेश किए हैं और सिर्फ 3 खात्मा रिपोर्ट गई हैं। हमारे यहाँ साक्ष्यों के आधार पर काम होता है। यह परसेप्शन बिल्कुल गलत है कि लोकायुक्त ठीक काम नहीं कर रहा।"
  • सवाल: लोकायुक्त सिर्फ पटवारी, तहसीलदार जैसे छोटे शिकार करता है, बड़े 'मगरमच्छ' (IAS, IPS) क्यों बच जाते हैं?
  • DG योगेश देशमुख: "यह धारणा पूरी तरह गलत है। पिछले कुछ वर्षों में लोकायुक्त ने 48 आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और आईएफएस (IFS) अधिकारियों के खिलाफ क्राइम रजिस्टर (FIR) कर बकायदा कानूनी कार्रवाई की है। इनमें से 99% मामलों में हमारी जांच पूरी हो चुकी है और हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि इनके खिलाफ कोर्ट में केस चलना चाहिए। हम किसी बड़े मगरमच्छ को नहीं छोड़ते।"

जनता के लिए DG का वादा: "बिना डरे आएं, भ्रष्ट अफसरों की खैर नहीं"
सबकी खबर के जरिए आम जनता को भरोसा दिलाते हुए डीजी योगेश देशमुख ने कहा: "यह कार्यालय जनता का कार्यालय है। मेरा कल भी वादा था, आज भी वादा है और कल भी रहेगा— कोई भी पीड़ित व्यक्ति अगर हमारे पास अपनी गोपनीय बात लेकर आता है, तो उसकी पूरी सुनवाई होगी। मेरे डीआईजी, एसपी और मेरा दफ्तर हमेशा खुला है। अगर कोई लोकायुक्त अधिकारी भी आपसे भ्रष्टाचार की बात करता है, तो सीधे मेरे पास आइए, उस भ्रष्ट अधिकारी की खैर नहीं होगी। आप निराश होकर वापस नहीं जाएंगे।"
"लोकायुक्त डीजी योगेश देशमुख ने बड़े दिल से अपनी प्रशासनिक गलतियों को स्वीकारा है और पूरी संस्था को रिस्ट्रक्चर करने का बीड़ा उठाया है। आज ही उनकी इंटरनल विजिलेंस विंग का एक्टिव होना यह बताता है कि वे दाग धोने के लिए कितने गंभीर हैं। जिस उद्देश्य के लिए इस संगठन का गठन हुआ था, उस मर्यादा को वापस लाने की प्रतिबद्धता आज डीजी साहब ने दिखाई है।"