"शराब के नशे में सिस्टम चूर: CM हाउस के पास 'मयखाना' , क्या मंत्रियों की नाक के नीचे सुरक्षित हैं बेटियां?"
भोपाल।
राजधानी का सबसे पॉश इलाका 'प्रोफेसर्स कॉलोनी' और 'पॉलिटेक्निक चौराहा' इन दिनों शराबियों का अड्डा बन चुका है। विडंबना देखिए कि एक तरफ प्रदेश के मुखिया का CM हाउस है, दूसरी तरफ वरिष्ठ मंत्रियों के बंगले हैं, और ठीक बीच में स्थित है एक विदेशी शराब की दुकान। यह दुकान अब न केवल प्रशासन की नाक के नीचे चल रही है, बल्कि भोपाल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा तमाचा बन गई है।
बेटियों का निकलना हुआ दूभर
दुकान के ठीक पास MLB गर्ल्स कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज है। स्थानीय निवासियों और कॉलेज की छात्राओं का आरोप है कि शराब की दुकान होने के कारण यहाँ दिन-भर मजमा लगा रहता है। शराबी खुलेआम अश्लील हरकतें करते हैं और कॉलेज आने-जाने वाली छात्राओं पर भद्दी फब्तियां कसते हैं। हालत यह है कि डर के मारे महिलाओं ने इस रास्ते से निकलना ही बंद कर दिया है।
ABVP का फूटा गुस्सा, जमकर हुई तोड़फोड़
इसी अव्यवस्था और महिलाओं की असुरक्षा को लेकर बुधवार को ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। कार्यकर्ताओं ने दुकान पर धावा बोल दिया और जमकर तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि शिक्षा के मंदिर और वीआईपी रिहायशी इलाके के पास शराब की दुकान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री के पीए का पत्र भी बेअसर!
हैरानी की बात यह है कि इस दुकान को हटाने के लिए स्थानीय विधायक भगवान दास सबनानी विधानसभा में सवाल उठा चुके हैं। यहां तक कि मंत्री के पीए की ओर से भी इसे हटाने के लिए पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन आबकारी विभाग '100 मीटर की दूरी' का तकनीकी बहाना बनाकर हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
ग्राउंड जीरो के हालात:
गंदगी का अंबार: दुकान के बाहर शराब की बोतलों और कचरे का ढेर लगा है।
खुलेआम जाम: कैमरे की नजर पड़ते ही शराबी भागते दिखे, वरना सड़क ही मयखाना बनी रहती है।
प्रशासनिक अनदेखी: प्रोफेसर्स कॉलोनी के अध्यक्ष अजय गुप्ता और स्थानीय निवासी संतोष तिवारी का कहना है कि प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।
सवाल यह है कि क्या रसूखदार शराब ठेकेदारों के मुनाफे के आगे भोपाल की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान की कोई कीमत नहीं है? मुख्यमंत्री की नाक के नीचे अगर बेटियां असुरक्षित महसूस कर रही हैं, तो 'बेटी बचाओ' का नारा आखिर किसके लिए है?

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