टीकमगढ़ नपा अध्यक्ष बर्खास्त: वित्तीय घोटाले में अब्दुल गफ्फार 'पप्पू मलिक' की कुर्सी गई; 5 साल तक चुनाव लड़ने पर भी लगा बैन
टीकमगढ़ ।
टीकमगढ़ नगर पालिका के अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार उर्फ पप्पू मलिक पर सरकार ने कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश नगरीय आवास और विकास विभाग ने उन्हें पद से हटाने के साथ ही अगले पांच साल के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित कर दिया है। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव शीलेंद्र सिंह के जारी 19 पन्नों के आदेश में बताया गया है कि पप्पू मलिक के खिलाफ जांच में 8 मुख्य आरोप सही पाए गए हैं। इनमें वित्तीय गड़बड़ी और पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। विभाग का कहना है कि पप्पू मलिक नगर पालिका अधिनियम के तहत अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में नाकाम रहे, जिससे परिषद को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
20 लाख रुपए की होगी वसूली
सरकार ने पप्पू मलिक को पद से हटाने के साथ ही करीब 20.82 लाख रुपए की वसूली के भी आदेश दिए हैं। इस राशि में दुकान आवंटन में हुई गड़बड़ी (19.49 लाख रुपए) और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के वेतन की राशि शामिल है। यह पैसा अध्यक्ष और उनके साथ जिम्मेदार पाए गए अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों से बराबर अनुपात में वसूल कर सरकारी खजाने में जमा कराया जाएगा।
पांच साल तक चुनाव लड़ने पर रोक
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पप्पू मलिक का अध्यक्ष पद पर बने रहना जनहित और नगर पालिका के हित में ठीक नहीं है। इसलिए मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 41-क का उपयोग करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। अब वे अगले 5 सालों तक किसी भी तरह का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इस फैसले के बाद टीकमगढ़ की राजनीति में हड़कंप मच गया है।

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