भोपाल।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा के दौरान देश भर के छात्रों से बात की है। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने परीक्षा से जुड़े तनाव और शंकाओं का समाधान किया है। जबलपुर के छात्र आयुष तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछे हैं। पीएम मोदी ने भी रोचक अंदाज में सवाल का जवाब दिया है।
टीचर्स की स्पीड अधिक
छात्र आयुष तिवारी ने प्रधानमंत्री से प्रश्न किया कि कई बार वे शिक्षकों की पढ़ाने की गति से तालमेल नहीं बिठा पाते हैं, उसे कैसे मैच करें? इस पर पीएम मोदी ने विद्यार्थियों को समझाते हुए शिक्षकों से भी आग्रह किया कि अपने अध्‍यापन की स्‍पीड विद्यार्थियों के सीखने की गति के अनुरूप रखें। लेसन प्‍लान विद्याथिर्यों के साथ पूर्व से ही साझा करें। विद्यार्थी वह चेप्‍टर पहले से पढें, अध्‍ययन करें जो शिक्षक भविष्‍य में कक्षा में पढाने वाले हैं। उन्‍होंने कहा क‍ि शिक्षकों की गति से सामंजस्‍य बैठाने का सबसे अच्‍छा तरीका यह है कि पहले अपने को जोतो, फिर मन को जोड़ो। उसके बाद पढाई के विषय शुरू करो।
मन जोतने का समझाया अर्थ
उन्‍होंने कहा क‍ि मन को जोतने का अर्थ है, विषय की तमाम जानकारियां जुटाना और जोड़ने का अर्थ है, एकाग्रता बनाए रखना। इससे आपकी समझ मजबूत होगी और आप एक कदम आगे चलेंगे।
2018 से हो रहा है आयोजन
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत की थी। इसके बाद से लगातार परीक्षा पे चर्चा का आयोजन हो रहा है। पीएम मोदी कार्यक्रम में देश भर से आए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। साथ ही उनकी शंकाओं का समाधान करते हैं। इसके प्रसारण अलग-अलग प्लेटफॉर्म के जरिए की जाती है।
वहीं, इस मौके पर एमपी के स्कूली शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता। समय अनुशासन सिखाता है और अनुशासन के साथ जिया गया जीवन ही सफलता की सच्ची पहचान है। जब तक असंभव को करने का प्रयास नहीं किया जाएगा, तब तक असाधारण उपलब्धियां संभव नहीं हैं। गौरतलब है कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का भोपाल के शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम हुआ। यहां पर शिक्षा विभाग के अधिकारी और छात्र मौजूद रहे हैं। इस कार्यक्रम का प्रसारण अब नौ फरवरी को होगा।