सीहोर।
मध्य प्रदेश की गेम चेंजर लाडली बहना योजना पर राज्य के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा की टिप्पणी से बवाल मचा हुआ है। उन्होंने योजना की लाभार्थी महिलाओं को सरकारी कार्यक्रमों में भाग न लेने पर नामों को हटाए जाने की धमकी दे डाली। यह धमकी उन्होंने धामंडा गांव में नए उप-स्वास्थ्य केंद्रों के उद्घाटन के दौरान दी। मंत्री ने कहा कि यदि लाभार्थी उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके नाम योजना से हटा दिए जाएंगे और इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
कांग्रेस ने जताई आपत्ति
कांग्रेस ने इस बयान पर जमकर विरोध जताया है। कांग्रेस का कहना है कि यह सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम है। यह पहली बार नहीं है, जब एमपी के किसी मंत्री ने लाडली बहना योजना पर ऐसा बयान दिया हो, इसस पहले यह काम विजय शाह भी कर चुके हैं। अपने एक बयान में उन्होंने मुख्यमंत्री का सम्मान न करने वाली लाडली बहना लाभार्थियों के आवेदनों को रोकने की बात कही थी।
बैठक में लाभार्थी न पहुंचने पर भड़के
मंत्री ने कहा कि वे सीईओ मैडम से सभी को एक दिन बुलाने के लिए कहेंगे। 'अब मैं सीईओ मैडम को कहूंगा कि एक दिन सबको बुलाएं। अगर वे नहीं आती हैं, तो उनके नाम हटा दिए जाएंगे। हम यहां से एक रिपोर्ट भेजेंगे।' उन्होंने आगे कहा कि धामंडा गांव में 894 लाडली बहना लाभार्थियों को हर महीने 1,500 रुपये दिए जा रहे हैं। मंत्री ने लाभार्थियों की कम उपस्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कांग्रेस शासन के दौरान पैसे न मिलने की बात भी कही और केंद्र सरकार का भी जिक्र किया।
मंत्री का कहना 'लोग ध्यान नहीं दे रहे'
उन्होंने कहा, 'बहनो, आपको कांग्रेस के शासन में पैसे नहीं मिले।' मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री दिल्ली से गेहूं भेजते हैं और किसानों के खातों में पैसे जमा करते हैं, फिर भी लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं। कांग्रेस ने मंत्री के बयान की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा 'भाजपा सरकार के तहत, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से ऐसे बात की जा रही है जैसे वे दान प्राप्त कर रहे हों। ऐसा महसूस होता है कि सरकार उन पर एहसान कर रही है। यह मानसिकता तानाशाही से कम नहीं है। वे लोगों को धमकी दे रहे हैं कि पैसा वापस ले लिया जाएगा। कानूनी तौर पर वे ऐसा नहीं कर सकते।'