डिस्पोजल दे रहा कैंसर को दावत, IIT रुड़की का बड़ा दावा, अलर्ट पर स्वास्थ्य महकमा
भोपाल।
डिस्पोजल या प्लास्टिक के कप या ग्लास में चाय या अन्य कोई गर्म पेय पदार्थ पीना सेहत के लिए हानिकारक है. इसके लगातार प्रयोग से कैंसर जैसी घातक बीमारियों की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. इसका खुलासा आईआईटी खड़गपुर द्वारा की गई एक रिसर्च में हुआ है. इस रिसर्च के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश का स्वास्थ्य अमला अलर्ट मोड पर है. भोपाल सीएमएचओ डॉक्टर मनीष शर्मा ने भी इस संबंध नागरिकों से अपील की है.
15 मिनट में 20 से 25 हजार माइक्रोप्लास्टिक के कण
सोमवार को भोपाल के मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मनीष शर्मा ने लोगों से अपील की है कि वह डिस्पोजल में चाय का सेवन या प्लास्टिक के बर्तनों में किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री का सेवन न करें. स्टडी के अनुसार पेपर कप में सिर्फ 15 मिनट तक गरम तरल रखा जाए, तो इसमें से 20,000 से 25,000 तक माइक्रोप्लास्टिक कण निकलते हैं.
ड्रिंक में घुल जाती है प्लास्टिक
सीएमएचओ डॉक्टर शर्मा ने बताया कि "सामान्य पेपर कप में पानी या कोई भी तरल लंबे समय तक टिक नहीं सकता. ऐसे में इन्हें अंदर से एक पतली प्लास्टिक की परत से कोट किया जाता है. जिसे माइक्रोप्लास्टिक कहा जाता है. जब इनमें चाय या काफी जैसे गरम पेय डाले जाते हैं, तो यह बहुत छोटे-छोटे प्लास्टिक कण निकलकर ड्रिंक में घुलने लगते हैं. यह कण इतने छोटे होते हैं कि इन्हें केवल माइक्रोस्कोप से देखा जा सकता है. यही कण कैंसर कारक होते हैं.

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