घूस लेने की तैयारी में थे डॉक्टर साहब, लोकायुक्त की भनक लगते ही रिश्वत देने वाले पर भड़के
टीकमगढ़।
टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी बीएमओ द्वारा कथित रूप से रिश्वत मांगने के मामले में अजीब वाकया हो गया. लोकायुक्त की टीम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार करने पहुंची लेकिन डॉक्टर साहब को भनक लग गई तो उन्होंने रिश्वत लेने से मना कर दिया. रिश्वत देने वाला डॉक्टर से कहता रहा कि आपने ही तो पहली किस्त ली है और दूसरी किस्त में तय राशि लेकर वह पहुंचा है. क्या है पूरा मामला जानिए...
अस्पताल में दफ्तर चलाने के बदले मांगी रिश्वत
बल्देवगढ़ अस्पताल परिसर में संचालित आधार कार्ड सेवा सेंटर के संचालक कृष्ण कांत विश्वकर्मा ने बीएमओ डॉ. अंकित त्रिपाठी पर आरोप लगाया "10 हजार रुपए हर महीने की मांग की जा रही थी और नहीं देने पर उसके आधार कार्ड सेंटर पर बीएमओ द्वारा ताला जड़ दिया गया. डॉक्टर साहब द्वारा पहले 10 हजार रुपये ले लिये गये थे. अब ताला खोलने के एवज में 10 हजार रुपए और 40 हजार रुपए उसके साथी गुलशन रैकवार से मांग की जा रही थी.
भनक लगते ही डॉक्टर ने डांटकर भगाया
इसके बाद आधार कार्ड सेवा सेंटर संचालक ने लोकायुक्त से शिकायत कर दी. लोकायुक्त सागर की टीम ने शिकायत की सत्यता की जांच की. शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त टीम डॉ. अंकित त्रिपाठी को ट्रैप करने पहुंची. इसकी भनक डॉक्टर साहब को पहले ही लग चुकी थी. जैसे ही फरियादी ने चेंबर में पहुंचकर रिश्वत देने की कोशिश की तो डॉक्टर ने उसे फटकार लगाते हुए बाहर कर दिया. इधर, पीछे से लोकायुक्त की टीम लगी हुई थी. लोकायुक्त निरीक्षक कमल सिंह उईके ने बताया "शिकायत की सत्यता के आधार पर डॉक्टर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है.
20 दिन पहले टीचर को पकड़ा था
मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद घूसखोरी के मामले कम होने की वजाय बढ़ते जा रहे हैं. टीकमगढ़ जिले में लोकायु्क्त की लगातार कार्रवाई हो रही है. फिर भी अधिकारी व कर्मचारी रिश्वत लेने से नहीं डरते. 20 दिन पहले भी लोकायुक्त टीम द्वारा एक टीचर और प्यून को रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा था.

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