सिंगरौली।
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से 'डिजिटल हेराफेरी' का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर प्रशासन भी हैरान है। देवसर जनपद पंचायत के कटदहा गांव में अमृत सरोवर तालाब परियोजना के तहत काम कर रहे 110 मजदूरों के रिकॉर्ड में नाम तो अलग-अलग थे, लेकिन नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) पोर्टल पर उन सभी की जगह एक ही व्यक्ति की फोटो अलग-अलग एंगल से खींचकर अपलोड कर दी गई।
11 मस्टर रोल और 1.72 लाख का चूना
जांच में खुलासा हुआ है कि 27 जनवरी से 2 फरवरी के बीच कुल 11 मस्टर रोल के जरिए करीब 1.72 लाख रुपये का गबन किया गया। प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित ग्राम सचिव और सब-इंजीनियर को जिला पंचायत मुख्यालय से अटैच कर दिया है और अन्य दोषियों को नोटिस जारी किया है।
सरपंच का बचाव: 'यह सर्वर की गलती है'
हैरानी की बात यह है कि गांव के सरपंच दिलशरण सिंह इसे जानबूझकर की गई धोखाधड़ी मानने से इनकार कर रहे हैं। उनका दावा है कि यह 'टेक्निकल या सर्वर एरर' हो सकता है। सरपंच का कहना है कि मजदूरी असल मजदूरों के खातों में ही गई है और कुछ लोग अनुचित मांगें पूरी न होने पर शिकायत कर रहे हैं।
नियम क्या कहता है:

  • जब 20 से ज्यादा मजदूर काम करते हैं, तो NMMS पोर्टल पर उनकी फोटो अपलोड करना अनिवार्य है।
  • साजिश का तरीका: एक ही शख्स को अलग-अलग एंगल से खड़ा कर 110 बार फोटो खींची गई ताकि पोर्टल पर हाजिरी लग सके।
  • रिकवरी की तैयारी: जिला पंचायत CEO ने साफ किया है कि अगर सरकारी पैसे का दुरुपयोग पाया गया, तो वसूली और कानूनी कार्रवाई होगी।

जांच के बाद होगी एफआईआर
जिला पंचायत सीईओ जगदीश कुमार गोमे के मुताबिक, जांच कमेटी गठित कर दी गई है। यह देखा जा रहा है कि क्या पैसा वास्तव में काम करने वाले मजदूरों को मिला है या किसी और के खाते में डाइवर्ट किया गया है।