महाराष्ट्र। नासिक के चर्चित ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले सच सामने आ रहे हैं। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को अब इस काले कारनामे में कुछ सफेदपोशों के शामिल होने का अंदेशा है।

नासिक का 'पाखंडी बाबा' केस: अब डॉक्टरों और सोनोग्राफी सेंटर्स पर टिकी जांच की सुई

अशोक खरात मामले में एसआईटी की जांच अब उस नेटवर्क को खंगाल रही है, जिसने इस घिनौने अपराध में बाबा का साथ दिया। ताजा खुलासे एक पीड़ित महिला के गर्भपात से जुड़े हैं, जिसने इस केस को और भी गंभीर बना दिया है।

डॉक्टरों और चिकित्सा तंत्र की संदिग्ध भूमिका

जांच एजेंसियों को संदेह है कि अशोक खरात को नासिक के कुछ नामी डॉक्टरों और नगर महापालिका के एक चिकित्सक का संरक्षण प्राप्त था।

  • गर्भपात का जाल: आरोप है कि इन डॉक्टरों की मिलीभगत से पीड़ित महिलाओं को गर्भपात की दवाइयां मुहैया कराई जाती थीं।
  • सोनोग्राफी सेंटर्स: पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या कुछ सोनोग्राफी सेंटर्स का इस्तेमाल गैरकानूनी तरीके से किया गया। सूत्रों के अनुसार, संबंधित डॉक्टरों को जल्द ही समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

'दैवीय शक्ति' के नाम पर महिलाओं का शोषण

अशोक खरात का शिकार करने का तरीका बेहद शातिर था। वह खुद को "दैवीय अवतार" और "चमत्कारी शक्तियों" का स्वामी बताकर महिलाओं को मानसिक रूप से अपने वश में करता था।

  • झांसा: व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं को जड़ से खत्म करने का वादा कर वह महिलाओं का भरोसा जीतता था।
  • शोषण: भरोसे की आड़ में वह भोली-भाली महिलाओं का शारीरिक शोषण करता था और विरोध करने पर उन्हें डराता-धमकाता था।

हेल्पलाइन पर शिकायतों की बाढ़

महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिसका असर बड़े पैमाने पर दिख रहा है:

  • सैकड़ों कॉल्स: पिछले महज 23 दिनों में इस हेल्पलाइन पर सैकड़ों फोन कॉल आए हैं।
  • प्रतिदिन की स्थिति: अधिकारियों के मुताबिक, हर दिन 5 से 6 नई महिलाएं सामने आकर अशोक खरात के खिलाफ अपनी आपबीती सुना रही हैं।
  • जांच जारी: पुलिस इन सभी शिकायतों का विश्लेषण कर रही है ताकि केस को और मजबूत बनाया जा सके।