पिछोर में लोधी समाज की रैली से सियासी हलचल, विधायक प्रीतम लोधी के खिलाफ उठे 9 मुद्दे
शिवपुरी, सबकी खबर।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा में लोधी समाज की एक बड़ी रैली के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और क्षेत्र की कथित समस्याओं को लेकर प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं। खास बात यह रही कि रैली किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं, बल्कि लोधी समाज की ओर से आयोजित की गई थी। रैली के दौरान समाज की ओर से अवैध शराब, चोरी-लूट, भ्रष्टाचार, बाहरी तत्वों की कथित गतिविधियों, जातिगत तनाव, राशन दुकानों में अनियमितता, स्कूलों की बदहाली, फसलों को नुकसान और राजस्व मामलों में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठाए गए। समाज की ओर से इन मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया।
अवैध शराब और कानून व्यवस्था का मुद्दा
रैली में गांव-गांव में कथित तौर पर अवैध शराब की बिक्री का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। इसके अलावा क्षेत्र में चोरी और लूट की घटनाएं बढ़ने का भी दावा किया गया। समाज के लोगों ने प्रशासन से कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
भ्रष्टाचार और सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल
रैली में सरकारी व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने उचित मूल्य की दुकानों में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। इसके अलावा राजस्व विभाग में किसानों के नामांतरण और बंटवारे से जुड़े मामलों के लंबित रहने तथा कथित तौर पर बिना पैसे के काम नहीं होने का आरोप लगाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बाहरी तत्वों और जातिगत तनाव का मुद्दा
लोधी समाज की ओर से क्षेत्र में बाहरी तत्वों की कथित गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताई गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बाहर से आने वाले कुछ लोग क्षेत्र में मारपीट, धमकी और वसूली जैसी गतिविधियों में शामिल हैं। रैली में जातिगत वैमनस्य बढ़ने और क्षेत्र के सामाजिक भाईचारे पर असर पड़ने का मुद्दा भी उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
किसानों की समस्याएं भी उठीं
रैली में किसानों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता दी गई। जंगली जानवरों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने, सरकारी गौशालाओं की व्यवस्थाओं और किसानों से जुड़े राजस्व मामलों का मुद्दा उठाया गया। समाज की ओर से कहा गया कि इन समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होने से ग्रामीणों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रैली के राजनीतिक मायने क्या हैं?
पिछोर विधानसभा क्षेत्र में लोधी समाज की यह रैली इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मौजूदा विधायक प्रीतम लोधी भी इसी समाज से आते हैं। रैली में उठाए गए मुद्दों को लेकर अब स्थानीय राजनीति में इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि रैली आयोजकों ने इसे किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं बताया है। ऐसे में इसका सीधा राजनीतिक असर क्या होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल, अपने ही सामाजिक समूह की ओर से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर इतनी बड़ी संख्या में लोगों का सड़क पर उतरना विधायक और स्थानीय प्रशासन दोनों के लिए ध्यान देने वाला विषय जरूर है।
नौ प्रमुख मांगों ने खींचा ध्यान
रैली में उठाए गए प्रमुख मुद्दों में अवैध शराब पर रोक, कानून व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, बाहरी तत्वों पर नियंत्रण, सामाजिक भाईचारा कायम रखना, राशन दुकानों की व्यवस्था सुधारना, सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहतर करना, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा और राजस्व मामलों का समय पर निराकरण शामिल रहा। अब देखना होगा कि प्रशासन इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है और रैली में उठाए गए आरोपों की जांच किस स्तर तक पहुंचती है।

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