सागर।
एमपी को हिला देने वाले बंडा शराबकांड में सामने आई एक खेप ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। जांच में पता चला है कि अगस्त में अहमदाबाद से आई 20 ड्रम स्प्रिट सागर तक पहुंची थी। इसके बाद ललितपुर के नकली रैपर और QR कोड की कड़ी जुड़ी। यानी जिस जहरीली शराब ने बंडा में मौत का तांडव मचाया, उसकी कहानी सिर्फ सागर तक सीमित नहीं दिख रही, इसके तार गुजरात, यूपी, एमपी और हरियाणा तक तलाशे जा रहे हैं। जानकारी अनुसार सागर के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों ने अवैध शराब के उस नेटवर्क की ओर जांच मोड़ दी है, जिसकी कड़ियां मध्यप्रदेश से निकलकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गुजरात तक जाती दिखाई दे रही हैं। जांच में सामने आया है कि अगस्त में गुजरात के अहमदाबाद से 20 ड्रम स्प्रिट मंगाई गई थी। पुलिस सूत्रों मुताबिक इस खेप में से कुछ स्प्रिट उत्तर प्रदेश के ललितपुर भेजी गई, जबकि बड़ी मात्रा में कच्चा माल सागर जिले के मालथौन क्षेत्र में उतारे जाने की बात सामने आई है। इसके बाद स्प्रिट को बंडा तक पहुंचाकर कथित तौर पर अवैध शराब तैयार की गई। यानी इस पूरे खेल में बंडा सिर्फ शराब तैयार करने और खपाने की कड़ी था, जबकि कच्चे माल की सप्लाई और पैकेजिंग का नेटवर्क दूसरे राज्यों तक फैला हुआ था।
ललितपुर से नकली रैपर, QR कोड भी फर्जी
जांच में उत्तर प्रदेश का ललितपुर भी इस नेटवर्क की अहम कड़ी के रूप में सामने आया है। शराब की बोतलों पर इस्तेमाल किए गए रैपर और QR कोड के नकली होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अवैध शराब बनाने से जुड़ी सामग्री भी जब्त की है। जांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली पैकेजिंग किस स्तर पर तैयार हुई और इसे बंडा तक किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाया गया।
कच्चा माल अलग, पैकेजिंग अलग और शराब बंडा में
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक एमपी और यूपी के उन इलाकों से भी कच्चे माल की सप्लाई की कड़ियां तलाश की जा रही हैं, जहां डिस्टलरी संचालित हैं। कच्चे माल को अलग-अलग रास्तों से दूसरे जिलों तक पहुंचाने की व्यवस्था होने की बात सामने आई है।
इसके बाद स्थानीय नेटवर्क के जरिए स्प्रिट का इस्तेमाल कर अवैध शराब तैयार करने और उसे बाजार तक पहुंचाने का काम किया जाता था। इसी वजह से जांच अब सिर्फ शराब बेचने वालों तक सीमित नहीं है।
20 ड्रम स्प्रिट से लेकर बाजार तक पूरी चेन जांच के घेरे में
बंडा शराबकांड के बाद पुलिस की जांच अब स्प्रिट की खरीद से लेकर उसके परिवहन, भंडारण, अवैध निर्माण, नकली रैपर और सप्लाई नेटवर्क तक पहुंच गई है। सागर पुलिस की कार्रवाई में बंडा और विनायका थाना क्षेत्रों से जुड़े मामलों में कुल 16 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। मामले में मेथेनॉल की मौजूदगी की पुष्टि से जुड़ी खबरें भी सामने आई हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए हैं। जांच में अब इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे।
अहमदाबाद से 20 ड्रम स्प्रिट किसके इशारे पर भेजी गई?

  • खेप रास्ते में किन-किन जगहों पर उतारी गई?
  • ललितपुर से नकली रैपर और QR कोड किसने तैयार कराए?
  • बंडा में स्प्रिट से शराब बनाने और सप्लाई करने वाला मुख्य नेटवर्क कौन था?