शिवपुरी। 
भारतीय जनता पार्टी इन दिनों देश भर में 'नारी शक्ति वंदन' अभियान के जरिए महिलाओं को सम्मान और आरक्षण देने का ढिंढोरा पीट रही है। लेकिन शिवपुरी में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के एक कार्यक्रम में जो हुआ, उसने भाजपा के इस नारे पर ही सवालिया निशान लगा दिए। आलम यह रहा कि मंच पर सजे मुख्य बैनर से 'नारी शक्ति' ही आउट ऑफ फ्रेम हो गईं।
शहर की 'प्रथम नागरिक' को ही भूले आयोजक
मामला शिवपुरी का है, जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वागत के लिए एक भव्य मंच तैयार किया गया था। इस कार्यक्रम के लिए जो विशाल बैनर लगाया गया, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और इलाके के तमाम दिग्गज मंत्रियों-विधायकों की तस्वीरें तो शान से चमक रही थीं, लेकिन शिवपुरी नगर पालिका की अध्यक्ष और शहर की प्रथम नागरिक गायत्री शर्मा का फोटो नदारद था।
चिपकाना पड़ा फोटो: आनन-फानन में सुधारी गलती
जब कार्यक्रम शुरू होने वाला था और आयोजकों की नजर इस 'बड़ी चूक' पर पड़ी, तो वहां अफरा-तफरी मच गई। मंत्री जी के आने से पहले किसी भी तरह की नाराजगी से बचने के लिए जुगाड़ का सहारा लिया गया। आनन-फानन में गायत्री शर्मा की एक तस्वीर मंगवाई गई और उसे बैनर की खाली जगह पर चिपका दिया गया। गनीमत रही कि सिंधिया के पहुंचने से पहले यह 'पैच वर्क' पूरा हो गया, लेकिन तब तक सोशल मीडिया के कैमरों ने इसे कैद कर लिया था।
सोशल मीडिया पर तंज: "ये कैसा वंदन?"
अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस पर जमकर चटकारे ले रहे हैं और भाजपा पर तंज कस रहे हैं। कांग्रेस और अन्य विरोधी दल पूछ रहे हैं कि जो पार्टी महिला आरक्षण और सम्मान की बात करती है, वह अपने ही बैनर में शहर की प्रथम नागरिक को जगह देना कैसे भूल गई? शहर में चर्चा है कि क्या यह वाकई कोई भूल थी या फिर स्थानीय गुटबाजी का परिणाम? 'नारी शक्ति' को बैनर से बाहर रखना और फिर फोटो चिपकाकर खानापूर्ति करना, भाजपा के लिए इस समय गले की हड्डी बन गया है। फिलहाल, यह 'जुगाड़ वाला बैनर' शिवपुरी की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।