अशोक गहलोत का तीखा बयान, राजनीतिक माहौल गरमाया
राजस्थान की सियासत में उबाल: पायलट पर बीजेपी प्रभारी के तंज के बाद अशोक गहलोत का बचाव में पलटवार
राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा कांग्रेस विधायक सचिन पायलट की निष्ठा पर सवाल उठाने के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनके समर्थन में उतर आए हैं।
बीजेपी प्रभारी का विवादित बयान
टोंक में एक कार्यक्रम के दौरान राधा मोहन दास अग्रवाल ने सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका एक पैर कांग्रेस में है और दूसरा कहीं और। उन्होंने बिना नाम लिए पायलट को 'धोखेबाज' तक कह दिया और उनके बाहरी होने का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि वह राजस्थान के मूल निवासी नहीं हैं।
अशोक गहलोत का करारा जवाब
बीजेपी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्पष्ट किया कि पायलट कांग्रेस के मजबूत स्तंभ हैं। गहलोत ने कहा:
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निष्ठा पर कोई संदेह नहीं: सचिन पायलट पूरी तरह कांग्रेस के साथ हैं और भविष्य में भी पार्टी में ही बने रहेंगे।
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अनुभव से मिली सीख: गहलोत ने पुराने मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए कहा कि पायलट ने अपनी पिछली गलतियों से सबक लिया है और अब वे अधिक परिपक्वता व समझदारी के साथ कार्य कर रहे हैं।
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बीजेपी पर निशाना: गहलोत ने 2021 के संकट को याद करते हुए आरोप लगाया कि उस समय बीजेपी उनकी सरकार गिराने की पुरजोर कोशिश कर रही थी।
कांग्रेस ने माँगी माफी: डोटासरा का रुख
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी प्रभारी की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई है। डोटासरा के मुख्य तर्क निम्नलिखित हैं:
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मर्यादा का उल्लंघन: राजनीति में वैचारिक मतभेद होना सामान्य है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी करना राजनीतिक शुचिता के खिलाफ है।
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माफी की मांग: डोटासरा ने कहा कि इस तरह के बयान बीजेपी की गिरती सियासी संस्कृति का परिचायक हैं। उन्होंने मांग की है कि राधा मोहन दास अग्रवाल अपने शब्दों के लिए माफी मांगें।

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