शाजापुर के भाजपा नेता को कलेक्टर और एसडीएम धमका रही हैं, नेता ने लगाए प्रताड़ना के आरोप
शाजापुर।
शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना और शुजालपुर एसडीएम अर्चना कुमारी पर शाजापुर भाजपा मीडिया प्रभारी, पत्रकार को डराने-धमकाने के गंभीर आरोप लगे हैं। अधिमान्य पत्रकार एवं श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक सक्सेना ने कहा कि उन्हें साधारण सूचना पत्र की तामिल फरार अपराधी की तरह कराई गई। जानकारी के अनुसार हाल ही में फ्रीगंज क्षेत्र में चक्का जाम हुआ था। उसी घटना को आधार बनाकर कलेक्टर न्यायालय ने 28 अगस्त को पत्रकार अभिषेक सक्सेना को सूचना पत्र जारी किया। इस नोटिस की तामिल कराने के लिए अधिकारियों की टीम पूरे दिन शासकीय वाहन से उनके आवासीय कॉलोनी के चक्कर लगाती रही। सक्सेना का आरोप है कि शाम 5 बजे आने का आश्वासन देने के बावजूद अधिकारियों ने उनके कर्मचारी को धमकाया और कहा कि “कलेक्टर-एसडीएम की शरण में आकर प्रशासन के पक्ष में खबरें लिखो, वरना हमें समझाना आता है।” आरोप है कि तामिल में भी हेराफेरी कर झूठी टिप्पणी डालकर चस्पा करने की कोशिश की गई।दमामले को लेकर पत्रकार संघ ने मंडी थाने में शिकायत दर्ज कराई और दोनों अधिकारियों के निलंबन की मांग की है। संघ के संभागीय अध्यक्ष मनोज जैन ने इसे शाजापुर में “अघोषित आपातकाल” करार दिया है।
पत्रकार अभिषेक सक्सेना का कहना है कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की साजिश की जा रही है। जिलेभर में पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में प्रशासनिक रवैये को लेकर भारी आक्रोश है और आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

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