शहडोल। 
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के सोहागपुर तहसील कार्यालय में एक वकील की तहसीलदार ने कमरे में बंद करवाकर स्टाफ से पिटाई करवा दी। तहसीलदार के द्वारा वकील की पिटाई करवाने की इस घटना के बाद वकील लामबंद हो गए हैं और कलेक्टर से शिकायत कर तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर ने शिकायत लेकर आए वकीलों को जांच का भरोसा दिया है। राजस्व अधिवक्ता संघ ने चेतावनी दी है कि अगर तहसीलदार को हटाया नहीं गया तो सोमवार से राजस्व विभाग के न्यायालय प्रकरणों का अधिवक्ता संघ बहिष्कार करेगा।
तहसीलदार ने वकील को पिटवाया
सोहागपुर तहसीलदार सुमित गुर्जर पर राजस्व अधिकवक्ता रविन्द्र जायसवाल ने कमरे में बंद कर स्टाफ से पिटवाने के आरोप लगाए हैं। बताया गया है कि अधिवक्ता रविन्द्र जायसवाल एक प्रकरण में जमानत के लिए तहसीलदार के पास गए थे। तब तहसीलदार ने उनसे कहा कि आप मेमो लगा दीजिए और इतना कहकर कलेक्टर कार्यालय की ट्रेजरी चले गए। इस बीच अधिवक्ता रविन्द्र ने दफ्तर में बैठे दो नायब तहसीलदारों से जमानत देने के लिए कहा तो उन्होंने तहसीलदार साहब के द्वारा किए जाने की बात कही। तहसीलदार करीब 6 बजे वापस आए तो अधिवक्ता ने उनसे जमानत देने के लिए कहा जिस पर तहसीलदार सुमित गुर्जर ने कहा कि अब 6 बज गए हैं अब मैं कुछ नहीं करूंगा। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया और फिर तहसीलदार ने स्टाफ को बुलाकर अधिवक्ता को कमरे में बंद कराया और उनके साथ मारपीट करवाई।