सीहोर, भोपाल।
सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में मंगलवार दोपहर मंदिर समिति और प्रशासन की लापरवाही ने दो और जानें ले ली। पंडित प्रदीप मिश्रा की कावड़ यात्रा के एक दिन पहले यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह 11:30 बजे धक्का-मुक्की हुई। इसमें 5 महिलाएं गिर गईं। इनमें से दो की मौत हो गई। इनकी पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन एक नागपुर और एक गुजरात के राजकोट की बताई जा रही है। वहीं, नागपुर की एक महिला आईसीयू में भर्ती है, जबकि दो कुबेरेश्वर धाम के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं। सभी महिलाओं की उम्र 50 से 60 वर्ष के बीच है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त कुबेरेश्वर धाम में करीब ढाई लाख श्रद्धालु मौजूद थे। हैरत की बात यह है कि हादसे के बाद भी न प्रशासन और न मंदिर समिति ने आयोजन रोका। न कोई बयान दिया न सख्ती दिखाई। इसका असर यह हुआ कि हादसे के बावजूद आयोजन जारी रहा और रात 8:30 बजे तक यहां साढ़े तीन लाख से अधिक लोग एकत्र हो गए।
हादसा कैसे हुआ, जिम्मेदार कौन? हर कोई मौन...
हादसा कैसे हुआ?... जानकारी के अनुसार रुद्राक्ष वितरण के दौरान ये महिलाएं कतार में थीं। तभी भगदड़ मची। हालांकि, इस पर न मंदिर समिति, न प्रशासन न प्रत्यक्षदर्शी कुछ बोल रहा।
जिम्मेदार कौन?... प्रशासन : कलेक्टर बालागुरु के. ने एक दिन पहले ही अफसरों की ड्यूटी लगाई थी, फिर भी जिम्मेदार मौके पर नजर नहीं आए।
आयोजन प्रभारी एसडीएम तन्मय वर्मा ने भी फोन पर कोई बात नहीं की।
मंदिर समिति : हर साल मार्च-अप्रैल में रुद्राक्ष महोत्सव, सावन में कावड़ यात्रा होती है। दोनों में 4 से 5 लाख की भीड़ हर बार आती है। फिर भी सुरक्षा व दर्शन के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं।
भीड़ संभालने के लिए 4 डीएसपी, 7टीआई समेत 400 पुलिसकर्मी
कुबेरेश्वर धाम पर आई श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए 400 पुलिस जवान सुरक्षा और ट्रैफिक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जिसमें 250 जवान भोपाल आए हैं, जबकि 150 का बल जिले का है। पुलिस बल में 4 डीएसपी, 6 से 7 टीआई और 25 से 30 सब इंस्पेक्टर शामिल हैं।
आज भी परेशानी; कावड़ यात्रा के भोपाल-इंदौर रूट डायवर्ट
बुधवार सुबह 9 बजे से कावड़ यात्रा शुरू होगी। प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में कावड़िए सीवन नदी घाट पर पहुंचकर कावड़ में जल भरेंगे और कोलीपुरा से पुराने हाईवे होते हुए चौपाल सागर होकर सीधे कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे। इस बार कावड़ यात्रा को शहर के बाहर-बाहर ही निकाला जा रहा है।
यात्रा के चलते बुधवार को भोपाल-इंदौर मार्ग डायवर्ट रहेगा। भोपाल से इंदौर जाने वाली यात्रा बसें, निजी वाहन, सीहोर से क्रिसेंट चौराहा से इच्छावर रोड पर भावखेड़ी होते हुए आष्टा पहुंचेगे। इसी तरह इंदौर से आने वाले आष्टा से इसी रास्ते क्रिसेंट चौराहे तक आएंगे। भारी वाहनों को तूमड़ा जोड़ से सीधे दोराहा जोड़ और ब्यावरा होते हुए देवास-इंदौर भेजा जाएगा।