हिसार के उकलाना में चुनावी हिंसा, फायरिंग में एक की मौत
हिसार: उकलाना क्षेत्र में सोमवार की रात उस समय भारी तनाव फैल गया जब चुनावी जनसभा से वापस आ रहे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस टकराव के दौरान हुई गोलीबारी ने एक भयंकर रूप ले लिया, जिसमें एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय थाना प्रभारी कुलदीप ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दो गुटों के आपसी विवाद में चली गोलियों के कारण एक युवक की मौत हुई है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
चुनावी जनसभा के बाद उपजा हिंसक विवाद
घटना की शुरुआत उकलाना की नई अनाज मंडी में आयोजित एक चुनावी सभा के समापन के बाद हुई, जब भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थक आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ा कि हथियारों से फायरिंग शुरू हो गई, जिसकी चपेट में आकर भाना निवासी शुभम और विवेक के साथ-साथ सदलपुर के मुकेश को गोलियां लगीं। इसी अफरा-तफरी में सदलपुर निवासी सुग्रीव भी चोटिल हो गया। घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए ले जाया गया, परंतु अस्पताल पहुंचने से पहले ही शुभम ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में घायल प्रदीप को अपनी कस्टडी में लेकर एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया है।
पुरानी रंजिश या राजनीतिक निष्ठा में बदलाव का असर
अस्पताल में उपचाराधीन प्रदीप ने बताया कि उसने हाल ही में अपने साथियों के साथ मिलकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी और वह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में दल में शामिल हुआ था। सोमवार रात वह भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित जनसभा में शामिल होकर अपने घर की ओर प्रस्थान कर रहा था। रास्ते में जब वह अपने परिवार के बच्चों के लिए आइसक्रीम खरीदने के उद्देश्य से एक स्थान पर रुका, तभी अचानक एक गाड़ी में सवार होकर आए हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और इलाके में सुरक्षा
इस खूनी संघर्ष के बाद क्षेत्र में स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है और पुलिस बल ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। हमलावरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए विभिन्न टीमें गठित की गई हैं जो घटना के चश्मदीदों और आसपास के साक्ष्यों के आधार पर तफ्तीश को आगे बढ़ा रही हैं। चुनावी माहौल के बीच हुई इस हत्या और गोलीबारी ने स्थानीय प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, जिसके चलते संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

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