महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान, साधु-संत संगम रवाना
- अखाड़ा परिषद बोली- बड़ा जुलूस नहीं निकालेंगे
- 3.61 करोड़ ने लगाई डुबकी
प्रयागराज। महाकुंभ का बुधवार को 17वां दिन है। मौनी अमावस्या पर दूसरा अमृत स्नान जारी है। साधु-संत रथों और गाड़ियों में सवार होकर अमृत स्नान के लिए संगम रवाना हो रहे हैं। रास्ते में आरएफ और पुलिस के जवान तैनात हैं। इससे पहले तड़के अखाड़ों के साधु-संत अमृत स्नान के लिए निकले थे। इस बीच, भगदड़ के बाद संगम पर हालात बेकाबू हो गए। प्रशासन ने तुरंत अखाड़ों से अपील की- स्नान के लिए न जाएं। इसके बाद अखाड़े के साधु-संत शिविर में लौट आए। साधु-संतों ने बैठक की। पहले तय हुआ कि अखाड़ों के साधु-संत मौनी अमावस्या पर स्नान नहीं करेंगे। अब स्थिति सामान्य है तो सीएम ने अखाड़ों से बात की। संत अमृत स्नान के लिए राजी हो गए। दैनिक भास्कर से अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने बताया, हम अपने देवता के साथ सांकेतिक अमृत स्नान करेंगे। कोई बड़ा जुलूस नहीं निकालेंगे। भाजपा सांसद हेमा मालिनी, कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर स्नान कर चुके हैं। सुबह 9 बजे तक 3.61 करोड़ लोगों ने संगम में डुबकी लगाई। महाकुंभ मेले और प्रयागराज शहर में इस समय करीब 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु मौजूद हैं। वहीं, 28 जनवरी तक 19.94 करोड़ लोग महाकुंभ में स्नान कर चुके हैं। प्रशासन की कोशिश है कि आसपास के घाटों पर स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं को वापस किया जाए।

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