सागर,सबकी खबर। 
जहां एक तरफ भाजपा संगठन ने मध्य प्रदेश में परिवारवाद पर नकेल कसने के साफ संकेत देते हुए नेता पुत्रों से इस्तीफे भी ले लिए हैं। वहीं प्रदेश के राजनीतिक तिकड़मों के ​लिए जाना जाने वाला एक जिला सागर सुर्खियों में बना हुआ हैं। दरअसल प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह के बेटे अविराज सिंह इन दिनों सागर ही नहीं समस्त प्रदेश में चर्चा का विषय बने हुए हैं चर्चा में हैं उनकी युवा सांसद का आयोजन और तमाम तरह के जनहितैषी कार्यक्रम, चर्चा में हैं उनकी सैंकड़ों गाड़ियों का काफीला और चर्चा में उनके भाषण। धाराप्रवाह बोल लेते हैं। लगभग सभी विषयोे पर उनकी पकड़ हैं बात चाहे बुंदेलखंड के गांवों की हो या बात चाहे जैन समाज की हो या बात हो वह हर विषय में बोलते हैं। मानों बोलने की यह शैली उनको विरासत में मिली हो। रविवार को अविराज सिंह अपने सैंकड़ों गाड़ियों के काफीले के साथ निवाड़ी के बम्हौरी बराना में आयोजित दांगी क्षत्रिय युवा समागम एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए वहां युवाओं की भीड़ ने उनका जोरदार स्वागत भी किया भैया जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। साथ ही एक मंच का आयोजन कर सभा भी ले डाली। यहां एक बात आपको बतातें चलें कि गत दिवस भी खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह भी दो दर्जन से अधिक कारों का काफीला लेकर बीना में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे वहां उन्होंने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया था। भाजपा के पदाधिकारियों से बात की मुलाकात की और सबसे खास बात यह रही कि बीना विधायक जो कि अभी तय नहीं हो पा रहा हैं कि कांग्रेस में हैं या भाजपा में। निर्मला सप्रे से मुलाकात नहीं की। जबकि निर्मला भाजपा के सभी कार्यक्रमों के बढ़चढ़कर हिस्सा लेती रही है। खैर खबर का लब्बोलुआब यही है कि जहां एक तरफ भाजपा परिवारवाद और नेता पुत्रों की सक्रिय राजनीति में आने को लेकर सख्ती दिखा रही हैं कि वहीं दूसरी तरफ खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह के बेटे का यह शक्ति प्रदर्शन जो निरंतर रूप से जारी है। आखिर सवाल यही उठता है कि क्या भूपेंद्र सिंह अपने बेटे अविराज सिंह को राजनीति में स्थापित करना चाहते हैं। जहां एक तरफ भाजपा कांग्रेस पर वंशवाद का आरोप लगाती रही हैं वहीं भाजपा के अंदर तैयार हो रही इस वंशवेल को भाजपा काट पाएगी। या नेता पुत्रों की राजनीति को जनसेवा का रंग देकर नेता पुत्रों को स्थापित किया जाएगा। यह शोध का विषय हैं। जिसका जवाब समय पर छोड़ देते हैं।