सागर। 
मध्य प्रदेश में अवैध और जहरीली शराब के कारोबार के खिलाफ सरकार के सख्त रुख के बीच सागर जिले के बंडा में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अवैध शराब कारोबारियों और माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने बंडा में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। कार्रवाई के दौरान अवैध शराब मामले से जुड़े आरोपियों के कथित अवैध मकानों, गोदामों और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
5 मुख्य ठिकानों पर कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने बंडा में कुल 5 प्रमुख ठिकानों पर कार्रवाई की। इन स्थानों पर माफियाओं द्वारा किए गए कथित अवैध निर्माण, अनाधिकृत संपत्तियों और शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान मनीष लोधी, चंद्रभान राजपूत और आशीष साहू से जुड़े बताए जा रहे अवैध मकानों और गोदामों पर प्रशासन का बुलडोजर चला। प्रशासन ने संबंधित संपत्तियों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को जमींदोज किया।
अवैध शराब कारोबारियों को सख्त संदेश
बंडा में हुई इस कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों को सख्त संदेश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब की बिक्री, निर्माण और उससे जुड़ी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता प्रदेश में अवैध और जहरीली शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाना है, ताकि लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से किसी भी तरह का खिलवाड़ न हो। प्रशासन का कहना है कि जनस्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करने वाले और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद प्रदेशभर में अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। सागर जिले के बंडा में हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे में लाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।