रीवा के एसपी का हटना तय, कांग्रेस विधायक ने कहा था अर्धनारीश्वर
रीवा।
रीवा पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह का हटना अब लगभग तय है। बुधवार को कांग्रेस के विधायक अभय मिश्रा ने साफसाफ आरोप लगाया खुलकर आरोप लगाया। मंच पर माइक से आरोप लगाया कि रीवा के पुलिस अधीक्षक शराबियों से शराब कंपनियों से ₹5 लाख महीने लेते हैं। खुल के आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि यह जो पुलिस अधीक्षक है यह अर्धनारीश्वर हैं। आधे पुरुष हैं और आधे महिला हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस व्यक्ति को आप पैसा दे दीजिए। इसके बाद में आप किसी की भी इज्जत लूट लीजिए। किसी को भी गोली मार दीजिए। यानी एक अराजकता का माहौल है। और बड़ा आरोप उन्होंने यह भी लगाया था कि वे वहां जो स्थानीय नेता हैं मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला उनकी चरण वंदना करके अपने पद को अपनी कुर्सी को बचाए हुए हैं। इन आरोपों को बाकायदा अभय मिश्रा जो सिमरिया से विधायक हैं उन्होंने मंच और माइक से लगाया। लेकिन पुलिस की ओर से कोई जवाब नहीं। अब सूत्र यह बता रहे हैं कि पुलिस मुख्यालय ने कल अपने लेवल पर एक गोपनीय जांच कराई है और उस जांच में जो बिंदु सामने आए हैं वो निश्चित तौर पे विधायकों के आरोपों को सिद्ध करने वाले बिंदु बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह जो एसपी है वे बेहद ढीले हैं। अर्धनारीश्वर की बात नहीं है। लेकिन बेहद ढीले हैं। काम नहीं करना चाहते। लोगों के फोन नहीं उठाते। वहां जो सरेआम नशे का कारोबार हो रहा है उसे रोकना नहीं चाहते। वहां शराब कंपनियों से इनकी मिलीभगत के कई प्रमाण भी सामने आ रहे हैं। और यह तमाम सारी चीजें आने के बाद यह भी कहा जा रहा है कि तमाम कमियां होने के बाद केवल और केवल राजेंद्र शुक्ला का संरक्षण होने के कारण इनका तबादला अभी तक नहीं हुआ। लेकिन विधायक के इस बयान के बाद में अब यह मामला पूरे मध्य प्रदेश में चर्चित हो गया है। भ्रष्टाचार के आरोप तो लगते हैं। नेताओं के जी हजूरी के आरोप भी लगते हैं। लेकिन किसी आईपीएस अधिकारी जो अपने नाम के आगे सिंह लगाता हो विवेक सिंह उसे कोई नर्द अर्धनारीश्वर कह दे और वो चुप रहे कारवाई भी ना करे तो निश्चित तौर पे यह एक नया और अनूठा मामला है। सूत्र हमें बता रहे हैं कि गृह विभाग ने इसे बड़ा गंभीरता से लिया है। इसे पुलिस मुख्यालय ने गंभीरता से लिया है। पुलिस मुख्यालय ने अपने स्तर पर इसकी गोपनीय जांच कराई है। उसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेज दी गई है। सूत्र बता रहे हैं कि विवेक सिंह अब बहुत ज्यादा दिन नहीं रह पाएंगे रीवा में। वैसे 2 साल से ज्यादा उनका कार्यकाल हो गया है। अब क्योंकि वहां रीवा में जिस तरह की घटनाएं हो रही है और जनप्रतिनिधि लगातार कह रहे हैं कि यहां ड्रग्स का कारोबार खुलेआम हो रहा है। रीवा पूरी तरह से नशे की जकड़ में है और इसके लिए यदि कोई जिम्मेदार है तो वो है रीवा एसपी विवेक सिंह। यह हर आदमी कह रहा है वहां।इन पुलिस अधीक्षक के बारे में जो जानकारियां रीवा से भोपाल तक पहुंच रही हैं वो यही पहुंच रही है। कि ऐसा लगता है कि इन्होंने विधायकों के आरोपों को स्वीकार कर लिया। वरना दूसरा होता तो या तो एफआईआर करता या नोटिस देता। लेकिन एसपी साहब ने कुछ नहीं किया। हमने पुलिस मुख्यालय के अपने सूत्रों से पता लगाया कि जो आरोप विधायक ने लगाए हैं अर्धनारीश्वर छोड़कर वह लगभग सब आरोप लगभग लगभग सही हैं।

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