राजगढ़। 
राजगढ़ से कामख्या देवी मंदिर दर्शन के लिए गई मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन स्पेशल ट्रेन में जिले के यात्री परेशान हो रहे हैं। उन्हें जहां ठहराया गया है वहां परेशानियां हो रहीं, इससे पीड़ित यात्रियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि हमें बेहहारा की तरह छोड़ दिया, न खाना मिल रहा है न ही यहां के पंखे चल रहे। जिससे परेशान हो रहे हैं। 
दो दिन पहले रवाना हुई ट्रेन, मंजिल पहुंचते ही शुरू हुई दिक्कत
दो दिन पहले ब्यावरा से कामाया के लिए यह स्पेशल ट्रेन रवाना हुई थी। वहां पहुंचे यात्रियों ने कुछ वीडियो वायरल किए हैं, जिनमें परेशानियों का जिक्र किया गया है। कुछ यात्री कमरे और खाने के लिए परेशान हुए तो कुछ इधर-उधर रह गए, जिन्हें आने में समस्या हुई। हालांकि प्रशासन ने सफाई दी है कि यह छोटी-मोटी समस्याएं हैं, जिन्हें सुलझा रहे हैं। यात्रा के दौरान एक परिवार को कमरे से आने में समस्या हुई तो उन्हें बाद में बस से लाया गया, जिससे वहां परेशानियां हुई। 
यात्री ने जारी की वीडियो
वहीं, एक यात्री ने वीडियो जारी कर वहां की अव्यवस्थाओं को जाहिर किया है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि हमने सब मैनेज कर लिया था। लेकिन वहां के यात्रियों की मानें तो उनकी परेशानियां कम नहीं हुई थीं। उल्लेखनीय है कि यात्रा में यात्रियों के चयन पर भी शुरु से सवाल उठते रहे हैं। अधिकतर ऐसे हैं जो भाजपा नेताओं को रिश्तेदार, परिजन और अन्य प्रभावी लोग हैं। कुल मिलाकर यात्रा में अधिकतर दबदबा रसूखदारों का रहा है। अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर चयन प्रक्रिया कैसे होती है? कैसे इनका चयन किया जाता है।
सरकारी कर्मचारी का परिवार कैसे आ गया?
यात्रा के दौरान एक यात्री ने सवाल खड़े किए हैं और प्रशासनिक चयन व्यवस्था को लेकर आरोप लगाए हैं। जिसमें उन्होंने का कहा है कि ब्यावरा के कोई सरकारी कर्मचारी पंकज नामदेव यहां आए हैं, उनके साथ उनके माता-पिता, पत्नी, भाई, भतीजा सहित अन्य लोग आए हैं। ये कैसे आए हैं? इनके आयवेदन कैसे पास हो गए और बाकि जो शेष रहे हैं वे क्यों नहीं हो पाए। लगभग ढाई हजार आवेदन में इनका चयन कैसे हो गया? आखिर किस नियम और किस दायरे में यह किया जाता है।
समस्या हो सकती हैं
यात्रा के दौरान थोड़ी बहुत समस्याएं हो सकती हैं लेकिन फिर भी हमारी टीम की यदि कोई गलती होगी तो हम निश्चित ही जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे। एक मामला जरुर मेरे नॉलेज में आया था कि पहाड़ी क्षेत्र में जाने से नरसिंहगढ़ के एक परिवार वालों का फोन नहीं लग रहा था। उन्हें बाद में बस से बुला लिया था। बाकि तो हमें बताया गया कि कोई समस्या किसी को नहीं है। फिर भी हम जांच करवा लेंगे। - वीरेंद्र दांगी, संयक्त कलेक्टर और योजना प्रभारी, राजगढ़