नर्मदापुरम।
नर्मदापुरम में एक स्कूल प्राचार्य पर महिला शिक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं. प्राचार्य पर महिला शिक्षिका से प्यार का इजहार करने का आरोप है. इस पूरे मामले में प्राचार्य को सस्पेंड करने का प्रस्ताव भेजा गया है. मामला सामने आने पर जिला शिक्षा अधिकारी ज्योति प्रहलादी ने तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रिंसिपल के निलंबन का प्रस्ताव जेडी नर्मदापरम को भेजा है.
मामला शासकीय पीएमश्री हाई स्कूल हथवास से जुड़ा है. यहां के प्रिंसिपल सुरेश श्रीवास्तव ने स्कूल में पदस्थ एक महिला शिक्षिका को व्हाट्सएप पर 'फूल तुम्हे भेजा है खत में' लाईन के साथ 'आई लव यू' का मैसेज भेज प्यार का इजहार किया और हां ना में जवाब भी मांग लिया. प्रिंसिपल के आपत्तिजनक व्यवहार की शिकायत शिक्षिका ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से की. लेकिन विभाग के अधिकारी आरोपी को बचाने का प्रयास करते रहे.
प्रिंसिपल के मैसेज के चैट वायरल हुए तो 10 दिन बाद बना दी गई जांच टीम
जब सोशल मीडिया पर प्रिंसिपल के आपत्तिजनक मैसेज के चैट वायरल हुए तो 10 दिन बाद जांच टीम बना दी गई. मामले में तत्काल कार्रवाई करने की जगह जांच अधिकारी देरी से शिकायत मिलने का हवाला देते रहे. जबकि शिक्षिका ने 17 नवंबर को जिला शिक्षा अधिकारी के नाम लिखित शिकायत की थी. वहीं 7 शिक्षकों ने इसी दिन विकासखंड शिक्षा अधिकारी को प्रिंसिपल के आपत्तिजनक व्यवहार की शिकायत की थी. इस मामले में तत्काल कार्रवाई की जानी थी. लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रिंसिपल को बचाते रहे.
जांच टीम ने 13 शिक्षकों के लिए बयान
शुक्रवार को तीन सदस्यों की जांच टीम दोपहर के समय स्कूल पहुंची. जांच टीम ने स्कूल के 13 शिक्षकों के बयान लिए. अधिकांश ने प्रिंसिपल के आपत्तिजनक व्यवहार के साथ दूसरे मामलों की शिकायत भी अपने बयान में दर्ज की है. प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत करने वाली शिक्षिका के आलावा एक दूसरी शिक्षिका ने भी प्रिंसिपल द्वारा भेजे गए आपत्तिजनक मैसेज के चैट रिकॉर्ड जांच टीम को शिकायत के साथ दिए. जांच टीम में सीएम राइज पिपरिया के प्रिंसिपल संजीव दुबे, सोहागपुर गर्ल्स स्कूल की प्रिंसिपल सुनीता गढ़वाल, शोभापुर बालक स्कूल की शीला चौधरी शामिल थी.
शिकायत रोकने पर कार्रवाई हो
स्कूल में जब जांच टीम पहुंची तो शिक्षिकाओं ने अपने बयान दर्ज करवाए. लेकिन कुछ लोगों ने महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न की शिकायत पर तत्काल जांच न होने पर नाराजगी भी जाहिर की. शिक्षकों ने कहा लगभग एक महीने से प्रिंसिपल लगातार शिक्षिकाओं को अभद्र मैसेज भेज रहा था. एक शिक्षिका ने हिम्मत जताकर शिकायत की लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिकारियों ने शिकायत को रोक लिया. ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होना चाहिए. यदि शिकायत होने के दिन ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दे दी जाती तो अब तक समय पर न्याय मिल जाता.
शिक्षा मंत्री का डर दिखाता था प्रिंसिपल
विकासखंड शिक्षा अधिकारी को स्कूल के साथ शिक्षक शिक्षिकाओं ने प्राचार्य के अभद्र व्यवहार और प्रताड़ित करने की शिकायत की थी. शिकायत में स्पष्ट लिखा था कि प्रिंसिपल द्वारा सभी महिला शिक्षिकाओं को प्रताड़ित किया जाता है. शिक्षा मंत्री का डर दिखाकर ट्रांसफर की धमकी दी जाती है. गलत गतिविधियों में शामिल किया जाता है, वहीं रात के समय गलत गलत मैसेज भेजे जाते हैं. इस समस्या का गंभीरता पूर्वक समाधान करने की मांग की गई थी.

प्रेम में डूबे प्रिंसिपल ने खोई मान मर्यादा

प्रिंसिपल ने शिक्षिका को भेज चैट में लिखा था 'स्टाफ में सबसे ज्यादा भरोसा आप पर है, आप शिक्षिका हैं, मेरी भावनाओं को आप समझ ही गई होंगी. कसम खाओ कि किसी को नहीं बताओगी तो मैं अपनी भावनाओं को व्यक्त करुं.' इसके बाद प्रिंसिपल ने हां और ना में आई लव यू प्रपोजल का जवाब मांग लिया. शिक्षिका ने प्रिंसिपल के मैसेज का जवाब सॉरी कह कर दिया तथा उन्हें अपने पिता समान मानने की बात कही. प्रिंसिपल को यह बात नागवार गुजरी और उन्होंने महिला शिक्षक को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. तंग आकर महिला शिक्षक ने 17 नवंबर को अपने वरिष्ठ अधिकारियों को व्हाट्सएप चैट और दूसरे सबूत के साथ शिकायत कर दी.