महू। 
डॉ. आंबेडकर नगर (महू) के लुनियापुरा क्षेत्र स्थित जनपद पंचायत कार्यालय बुधवार दोपहर रणभूमि में बदल गया। आरोप है कि भाजपा समर्थित जनपद सदस्य और सरपंच साथियों के साथ पहुंचे और जनपद पंचायत सीईओ पंकज दरोठिया से न केवल गाली-गलौज की, बल्कि मारपीट भी की। देर शाम पुलिस ने नामजद और अन्य आरोपियों पर एफआइआर दर्ज की।
अचानक दफ्तर में घुसे सरपंच, सीईओ को पीटा
सीईओ दरोठिया ने बताया कि वे दफ्तर में काम कर रहे थे तभी दीपक तिवारी, जनपद सदस्य उमेश औसारी और कालाकुंड सरपंच शिव दुबे आठ-नौ लोगों के साथ आए और अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर विवाद करने लगे। उन्हें रोका तो आरोपियों ने थप्पड़ मुक्के बरसाकर जमीन पर गिरा दिया और पीटने लगे। शोर सुनकर कर्मचारी पहुंचे तो आरोपी भाग निकले। घटना के बाद दरोठिया कर्मचारियों के साथ थाने पहुंचे और एफआइआर दर्ज कराने की जिद पर अड़े रहे।
अतिक्रमण और पट्टों में गड़बड़ी
दरोठिया ने आरोप लगाया कि दीपक तिवारी ने चोरल में नालियों पर अतिक्रमण कर दुकानों का निर्माण कर रखा है। इसके अलावा अन्य ग्रामीणों के नाम पर मिले पट्टों में भी गड़बड़ी की है। अतिक्रमण के कारण नालियों की सफाई नहीं हो पाती और पानी सड़कों पर बहता रहता है।
तीखी बहस के बाद भाजपा नेता ने जनपद सीईओ से मारपीट की
महू पुलिस थाने के प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि कालाकुंड के सरपंच शिव दुबे, जनपद पंचायत सदस्य उमेश ओसारी और स्थानीय दुकानदार और भाजपा नेता दीपक तिवारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. अधिकारी ने शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि दुबे, ओसारी व 6 अन्य लोगों के साथ भाजपा नेता ने तीखी बहस के बाद उनके साथ मारपीट की.
भाजपा नेताओं के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में दर्ज हुआ FIR
थाना प्रभारी शर्मा ने कहा कि आरोपी तिवारी, दुबे, ओसारी और 6 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हमला और सरकारी काम में बाधा डालने से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई, क्योंकि शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति समुदाय से हैं.