जबलपुर। 
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने देश के लिए कांग्रेस को अमावस्या और भाजपा को पूर्णमासी बताया है। नड्डा ने जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा कि भाजपा और कांग्रेस के बीच के फर्क को जनता को समझाएं। 2014 भारतीय राजनीति का टर्निंग पॉइंट है। पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में जिम्मेदार, उत्तरदायी और रिपोर्ट कार्ड वाली सरकारों का दौर शुरू किया है।नड्डा ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि डेड कांग्रेस के डेड नेता ही हमारी अर्थव्यवस्था को डेड इकॉनमी बता रहे हैं, जबकि हम दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहे हैं। भाजपा देश का इकलौता वैचारिक दल है, जिसने सत्ता के लिए न समझौते किए, न अपने रास्ते बदले। इसलिए विरोधी भी अब मानते हैं कि राष्ट्रीयता और संगठन के मामले में भाजपा से उनका कोई मुकाबला नहीं है। राष्ट्रीयता और संगठन ही हमारी ताकत है।
मोदी ने बदली राजनीति की संस्कृति, चुनावी घोषणापत्र बना विकास का रोडमैप
नड्डा ने कहा कि 2014 से पहले चुनावी मेनिफेस्टो की वैल्यू नहीं होती थी। लेकिन पीएम मोदी ने राजनीति की संस्कृति बदलते हुए इसे देश के विकास के रोडमैप में बदल दिया है। पहले की सरकारें किसी समुदाय, जाति, वर्ग या इलाके की हुआ करती थीं। लेकिन 2014 के बाद सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास का दौर शुरू हुआ है। इसे और आगे बढ़ाने के लिए सरकार के कामों को जनता तक पहुंचाना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। जनता की स्मृति कमजोर होती है, इसलिए उसे कांग्रेस के दौर की अमावस्या याद दिलाएं। ताकि उन्हें भाजपा की पूर्णमासी समझ आ सके।
मप्र संगठन की तारीफ
मप्र भाजपा संगठन की सराहना करते हुए नड्डा ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को बधाई दी। सीएम मोहन यादव, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
आपातकाल में मिली थी प्रधानमंत्री, लोकसभा स्पीकर को कानून से छूट
आपातकाल में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री और लोकसभा स्पीकर पर कोई कानून लागू नहीं होने का कानून पारित कराया था। लेकिन अब पीएम मोदी ने खुद यह प्रस्ताव रखा कि प्रधानमंत्री समेत कोई भी मंत्री या मुख्यमंत्री अगर 30 दिन तक जेल में रहता है, तो 31वें दिन उसे अपना पद छोड़ना होगा। कांग्रेस काल में आतंकवाद चरम पर था। कांग्रेस उन लोगों के साथ खड़ी होती थी, जो देश को कमजोर करना और अशांति फैलाना चाहते थे।