राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर सस्पेंस, वेन्यू की अनुमति अब भी अटकी
इंदौर।
नेता विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) 19 सितंबर को मध्य प्रदेश आ रहे है। वह छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए इंदौर आएंगे। नेता विपक्ष आने की खबर ने एमपी की राजनीति को गरमा दिया है। इंदौर में प्रस्तावित राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ (Chhatron Ki Goonj) कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कांग्रेस ने बुधवार को दिनभर बैठकें की। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी दिनभर अलग-अलग जगह पर बैठकें लेते रहे। इधर, कांग्रेस को आयोजन स्थल की औपचारिक अनुमति नहीं मिल सकी है। परदेशीपुरा पर शाम को डेढ़ लाख रजिस्ट्रेशन होने पर कांग्रेसियों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया।
डरी हुई है भाजपा, इसीलिए अब तक नहीं मिली अनुमति- शहर कांग्रेस अध्यक्ष
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने बताया कि जेन-जी में राहुल गांधी को लेकर खासा उत्साह है। जेन-जी लगातार जुड़ रहे हैं, जिससे भाजपा सरकार डरी हुई है। अब तक रीजनल पार्क के सामने वाले मैदान की अनुमति नहीं दी गई है। कार्यक्रम किसी भी हाल में इंदौर में होकर रहेगा। जिला अध्यक्ष विपिन वानखेडे ने बताया, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने सुबह 11 बजे सांवेर विधानसभा में बैठक ली। दोपहर 2 बजे राऊ विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक की। एक अन्य बैठक कांग्रेस के बड़े नेताओं की कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के घर पर हुई। इसमें विधायकों को एक-एक विधानसभा का जिम्मा दिया गया। बैठक में सह-प्रभारी रणविजय सिंह लोचलन, सह-प्रभारी उषा नायडू, विधायक बाला बच्चन, पंकज उपाध्याय मौजूद रहे।
हास्टल में छात्राओं के बीच महिला नेता पहुंचीं
भंवरकुआं चौराहा क्षेत्र में कांग्रेस की महिला नेताओं ने हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं से मुलाकात की। मप्र महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया और ऊषा नायडू ने बताया कि छात्राओं को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की जानकारी दी। बौरासी ने बताया कि छात्राओं ने कहा कि कार्यक्रम की जानकारी उन्हें है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार इसे अनुमति क्यों नहीं दे रही है।
भाजपा ने लगाई थी वेन्यू पर आपत्ति
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने 3 सितंबर को पुलिस आयुक्त और जिला कलेक्टर को शिकायत दी थी। यादव ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि जिस जमीन को कार्यक्रम स्थल बताया जा रहा है, उसके स्वामित्व और अधिपत्य को लेकर आइडीए से संबंधित न्यायालयीन विवाद की स्थिति है। ऐसे में प्रशासन यह जांच करें कि आयोजकों ने जमीन के उपयोग के लिए आइडीए या सक्षम प्राधिकारी से अनुमति ली है या नहीं। उन्होंने कहा कि अनुमति नहीं होने की स्थिति में कार्यक्रम की तैयारियों को तत्काल रोका जाना चाहिए।

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