खजाना खाली या मजबूरी? इंदौर मेट्रो के लिए कर्ज और वायनाड की 'राजसी' जमीन बेचने की तैयारी!
भोपाल।
मोहन कैबिनेट की आज शाम होने वाली बैठक में केरल में मौजूद एमपी सरकार की 554.05 एकड़ जमीन को केरल सरकार को ट्रांसफर करने पर मुहर लगाएगी। राज्य सरकार की यह संपत्ति केरल के वायनाड में दि प्रोविडेंट इंवेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड के उपक्रम के अधीन है, जिसे मुआवजा लेकर केरल सरकार को बेचा जा रहा है। आज होने वाली कैबिनेट बैठक में विधानसभा सत्र के दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा दिए गए अभिभाषण का भी अनुसमर्थन किया जाएगा। साथ ही राजधानी में विंध्याचल, सतपुड़ा भवन, शौर्य स्मारक समेत अन्य कार्यों को लगातार चालू रखने का भी फैसला होगा। मंत्रालय में होने वाली बैठक में जल संसाधन विभाग की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति देने और नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड द्वारा वित्त पोषित परियोजनाओं के लिए अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराने पर चर्चा होगी। इसके साथ ही नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के लिए एडीबी से ऋण लिए जाने का प्रस्ताव लाया जा रहा है जिसे मंजूरी दी जाएगी।
उज्जैन में 945 करोड़ का कॉरिडोर होगा मंजूर
कैबिनेट बैठक में लोक निर्माण विभाग से जुड़े कई प्रस्ताव शामिल हैं। इसमें उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) चौराहे से इंदौर गेट तक 4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर एवं विकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति देने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इस परियोजना की कुल लंबाई 5.32 किलोमीटर और लागत 945.20 करोड़ रुपए है। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के अंतर्गत एडीबी वित्त पोषित विभिन्न सड़क विकास योजनाओं (प्रोग्राम-V, VI और VII) को जारी रखने का फैसला होगा। साथ ही लोक निर्माण विभाग की पुल एवं सड़क निर्माण योजनाओं तथा राजस्व एवं पूंजीगत मदों के अंतर्गत विभिन्न रखरखाव एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की योजनाओं को सोलहवें वित्त आयोग की अवधि में जारी रखने का प्रस्ताव भी बैठक में शामिल है। बैठक में जनजातीय कार्य विभाग एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से संबंधित विषयों पर निर्णय लिए जाएंगे। कैबिनेट रबी वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन करने वाले किसानों को बोनस देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी। यह बोनस गेहूं खरीदी मात्रा के आधार पर किसानों को दिया जाएगा।
जमीन को लेकर केरल-मप्र में विवाद
दि प्रोविडेंट इंवेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड (PICL) के अधिकार में केरल के वायनाड जिले में 554.05 एकड़ की विशाल बीनाची एस्टेट है। इस जमीन का एक बड़ा हिस्सा (453.96 एकड़) केरल प्राइवेट फॉरेस्ट एक्ट, 1971 के तहत केरल सरकार के अधीन कर दिया गया था, जिसके खिलाफ PICL ने केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लंबे चले इस विवाद के बाद 3 नवंबर 2023 को हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों को आपसी सहमति से मामला सुलझाने का आदेश दिया। इसके बाद दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों के बीच कई दौर की बैठकें हुईं। 12 फरवरी 2024 को हुई अंतिम बैठक में यह तय हुआ कि बीनाची एस्टेट को एक उचित मुआवजे के आधार पर केरल सरकार को सौंप दिया जाएगा। मुआवजे की राशि दोनों राज्यों के अधिकारी मिलकर तय करेंगे और सहमति न बनने पर एक आर्बिट्रेटर नियुक्त किया जाएगा। संपत्ति सौंपने के बाद केरल सरकार वहां बसे 160 अतिक्रमणकारी परिवारों को भूमि आवंटित करने पर विचार करेगी। केरल सरकार ने इन बिंदुओं पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है, लेकिन अब इस सौदे पर मध्य प्रदेश कैबिनेट की अंतिम मुहर लगनी बाकी है।

NH-39 पर सड़क धंसने से राहगीर परेशान, सुरंग जैसी खाई बनी बड़ा खतरा
Vir Das ने बताया भारत में क्यों नहीं हो सकती ऑस्कर जैसी अवॉर्ड होस्टिंग
अली फजल ने एनिवर्सरी पर Richa Chadha को दी खास बधाई
कंगना रनौत ने नोरा फतेही के गाने 'सरके चुनर तेरी' की आलोचना की