पंजाब में एलपीजी संकट, आपूर्ति में 20 फीसदी की कटौती
चंडीगढ़। पंजाब में एलपीजी आपूर्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ पंजाब के प्रधान गुरपाल सिंह मान ने आरोप लगाया है कि सरकार ने राज्य में एलपीजी आपूर्ति में करीब 20 प्रतिशत की कटौती कर दी है, जिससे आम लोगों से लेकर कारोबारी वर्ग तक परेशान है। प्रेसवार्ता में मान ने बताया कि पहले जहां हर महीने करीब 27 लाख घरेलू गैस सिलिंडर भेजे जाते थे, अब यह संख्या घटकर लगभग 21 लाख रह गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि डीलरों को लोगों के गुस्से का सामना न करना पड़े। मान ने दावा किया कि व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लुधियाना में करीब 6 हजार मीट्रिक टन की कमर्शियल गैस मार्केट होने के बावजूद सप्लाई बाधित है।
उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 980 गैस एजेंसियां 96 लाख उपभोक्ताओं की मांग पूरी करती हैं और हर महीने लगभग 27 लाख सिलिंडर वितरित किए जाते हैं। हालांकि, मौजूदा हालात में रोजाना 2 से 5 हजार बुकिंग लंबित हो रही हैं और बैकलॉग बढ़ता जा रहा है। फेडरेशन के अनुसार, लगभग 50 हजार कर्मचारी ग्राउंड पर काम कर रहे हैं। कोविड-19 के दौरान भी एलपीजी आपूर्ति बाधित नहीं हुई थी और डीलरों ने घर-घर सिलिंडर पहुंचाया था, लेकिन अब हालात विपरीत हो गए हैं। मान ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकार 71 दिनों का स्टॉक होने का दावा कर रही है, तो फिर कुछ ही घंटों में संकट क्यों गहरा गया। उन्होंने कहा कि प्लांट अपनी क्षमता से कम चल रहे हैं और कई जगह बंद भी किए जा रहे हैं, जिससे सप्लाई पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ओटीपी सिस्टम के जरिए सिलिंडर वितरण किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। फेडरेशन ने सरकार से मांग की है कि एलपीजी संकट को स्वीकार करते हुए जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि आम लोगों और व्यापारियों को राहत मिल सके।

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