हरदा में 'किसान क्रांति': 43 डिग्री की आग और 2 हजार ट्रैक्टरों का सैलाब, मंडी में किसानों ने डाला डेरा!
हरदा।
हरदा में 43 डिग्री टेम्परेचर में किसानों का 16 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार से 'घेरा डालो डेरा डालो किसान क्रांति आंदोलन' जारी है। गेहूं और मूंग की खरीदी में आ रही समस्याओं को लेकर हरदा, देवास, नर्मदापुरम और खंडवा जिले के किसान बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के साथ कृषि मंडी में जमा हो रहे हैं। हालात को देखते हुए कलेक्ट्रेट-मंडी क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। 5 बटालियनों के 1100 जवान तैनात किए गए हैं।
ट्रॉलियों को तंबू में बदला, बिस्तर भी साथ लाए
आंदोलन को लेकर किसान नेता सुनील गोल्या ने बताया कि किसान अपनी ट्रॉलियों में घर से आटा, दाल और अन्य खाद्य सामग्री लेकर आए हैं। वे मंडी समेत अन्य स्थानों पर दाल-बाटी बनाकर खाएंगे। किसान नेता नानकराम बेनीवाल और राजेंद्र पटेल ने कहा किसानों ने अपनी ट्रॉलियों को तंबू में बदल लिया है। वे बिस्तर भी साथ लाए हैं। अगर प्रशासन हमारी मांगों के आगे नहीं झुका, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन भी हो सकता है।
एसडीओपी बोलीं- कुछ किसानों ने लौटना शुरू किया
एसडीओपी शालिनी परस्ते ने बताया कि फिलहाल प्रशासन और किसानों के बीच चर्चा का दौर जारी है। उनका कहना है कि कुछ किसानों ने वापस लौटना शुरू कर दिया है, जबकि किसान अपनी मांगों को मनवाने पर अड़े हैं।

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