विवाद के बाद मनु को खेल रत्न देगी सरकार
- रिपोर्ट में दावा- पहले लिस्ट में नाम नहीं था
- भाकर ने पेरिस में डबल मेडल जीते थे
नई दिल्ली। सरकार ने शूटर मनु भाकर को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड देने का फैसला किया है। जानकारी के अनुसार, खेल मंत्रालय एग्जीक्यूटिव पावर (विशेषाधिकार) से मनु को खेल रत्न देने की तैयारी कर रहा है। एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा- अभी नाम तय नहीं हुए हैं और एक हफ्ते में पुरस्कारों का खुलासा हो सकता है। खेल मंत्री एक या दो दिन में इस पर फैसला लेंगे। फाइनल लिस्ट में मनु का नाम होने की पूरी संभावना है। एक दिन पहले मनु भाकर के पिता रामकिशन भाकर ने कहा था कि खेल रत्न अवॉर्ड के लिए मनु की उपेक्षा की गई है। उनके इस बयान के बाद नेशनल स्पोर्ट्स अवॉर्ड की नॉमिनेशन लिस्ट विवादों आ गई। पहले इस सूची में मनु भाकर का नाम नहीं था।
क्या है पूरा मामला?
कुछ दिन पहले मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि खेल रत्न की नॉमिनेशन लिस्ट में मनु भाकर का नाम नहीं है। इस पर मनु भाकर के पिता ने नाराजगी जाहिर की। मनु के पिता ने कहा कि मनु ने अवॉर्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे नजरअंदाज किया गया। भारत में ओलिंपिक खेलों की अहमियत नहीं है। देश के लिए खेलने और पदक जीतने का क्या फायदा, जब सम्मान के लिए हाथ फैलाने पड़े। वे पिछले दो तीन साल से लगातार सारे पुरस्कारों के लिए आवेदन कर रही है और मैं इसका गवाह हूं। इसमें खेल रत्न, पद्मश्री और पद्म भूषण सम्मान शामिल है। इसके बाद खेल मंत्रालय बैकफुट पर आ गया।
मनु ने पेरिस ओलिंपिक में डबल मेडल जीते थे
मनु भाकर ने अगस्त-सितंबर महीने में आयोजित पेरिस ओलिंपिक गेम्स में डबल ओलिंपिक मेडल जीते थे। वे 10 मीटर एयर पिस्टल इंडीविजुअल और मिक्स्ड डबल्स में तीसरे स्थान पर रहीं। उनके दो मेडल के दम पर भारत ने पेरिस ओलिंपिक में कुल 6 मेडल जीते थे।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (15 फ़रवरी 2026)
बुरहानपुर में होगी एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बहनों को प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों से जोड़ना और मेहनत की सही कीमत देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने
बागेश्वर धाम में सजा विवाह मंडप, धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन यादव को लगाई परंपरा की हल्दी