मप्र का एक ऐसे विधायक जो वास्तव में गणनायक ही हैं
सागर / भोपाल।
मध्य प्रदेश में एक ऐसा विधायक भी है जो अपने मतदाताओं के लिए अपना दरवाजा खोल के रखता है और ना केवल भोपाल में इनके बंगले का दरवाजा खुला रहता है बल्कि मतदाताओं के ठहरने उनके भोजन और उनके उपचार की सारी व्यवस्था भी यह विधायक खुद करते हैं। आपको आश्चर्यजनक जरूर लग रहा होगा। लेकिन यह सच है। ऐसे जनप्रतिनिधि भी हमारे बीच में हैं। हम बात कर रहे है। सागर जिले के रहली के विधायक गोपाल भार्गव की। गोपाल भार्गव 1985 से आज तक विधानसभा के लगातार सदस्य हैं। अंदाज लगाइए 40 साल से लगातार नौ बार विधायक बन चुके हैं। अब वो विधायक कितने लोकप्रिय हैं इससे अंदाज लगा लीजिए कि उनका जो विधानसभा क्षेत्र है रहली और गढ़ाकोटा। उस विधानसभा क्षेत्र में रहने वाला कोई भी गरीब आदमी जो अपना उपचार नहीं करा पा रहा है वह गढ़ाकोटा में इनका जो निवास है जिसका नाम दिया गया है गणनायक। इस निवास पर जाएं वहां जाकर अपनी बीमारी के बारे में बताएं। वहां के लोग भोपाल से संपर्क करते हैं। यदि उनका उपचार सागर में हो सकता है तो सागर भेजते हैं और यदि सागर में नहीं हो सकता है तो फिर भोपाल भेजा जाता है। इसके लिए बाकायदा एक एंबुलेंस की व्यवस्था की रखी है जिसका नाम है गोपाल जी निशुल्क एंबुलेंस। यह वहां से मरीजों को लेकर भोपाल लाते हैं। भोपाल में भी कहीं इधर-उधर नहीं। गोपाल भार्गव के निवास पर 200 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। 200 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है और इनके उपचार की पूरी व्यवस्था इनके कार्यालय द्वारा की जाती है। आज खबर का तात्पर्य मात्र इतना सा है कि संयोग से आज भगवान कृष्ण का जन्मदिन है जिन्हें हम बाल गोपाल के नाम से जानते हैं और आज गोपाल भार्गव के बारे में जो जानकाारी सबकी खबर को मिली तो निश्चित तौर पर लगा कि कोई ऐसे ही गणनायक नहीं बन जाता है। उसके लिए उसके पीछे कितनी बड़ी कहानियां होती हैं। उसमें एक कहानी यह है। गोपाल भार्गव वह सामूहिक विवाह कराते हैं। उन्होंने अपने बेटे का विवाह सामूहिक विवाह में कराया। यह कहना बहुत आसान है। करना बहुत कठिन होता है। लेकिन कुछ दिन पहले गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक भार्गव ने सोशल मीडिया पे एक पोस्ट डाली थी उन्होंने कहा था कि गोपाल जी का जो भोपाल वाला निवास है वहां पर जो मरीजों के रहने की व्यवस्था है, हम उसको पूरा पुनः ठीक-ठाक कर रहे हैं। लगभग 200 लोगों के रहने की व्यवस्था वहां की जा रही है। यहा पूरी व्यवस्था का काम चल रहा है। अब ये ये लगभग अभी इस समय आज की तारीख में 200 लोग रुक सकते हैं। उसे सुधारा जा रहा है ताकि मरीज जब इलाज करा के वापस आए और वो वहां रुक सके या इलाज के लिए भेजा जा रहा हो तो यह तमाम सारी व्यवस्था गोपाल भार्गव की है। इन मरीजों के भोजन की व्यवस्था भी यही है। इन मरीजों के उपचार की व्यवस्था भी है। इन्हें गढ़ाकोटा से लाने और छोड़ने की व्यवस्था भी है।

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