नई दिल्ली। 
मध्यप्रदेश का अगला मुख्य सचिव कौन होगा? इसे लेकर सस्पेंस बरकरार है। मौजूदा मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं। राज्य सरकार ने उनके एक्सटेंशन (सेवावृद्धि) का प्रस्ताव अब तक केंद्र सरकार को नहीं भेजा है। हालांकि, केंद्र में पदस्थ मध्यप्रदेश कैडर के कई अधिकारी मानकर चल रहे हैं कि अनुराग जैन को सेवावृद्धि मिलने में कोई अड़चन नहीं होगी। यदि सीएस अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो प्रशासनिक मुखिया के इस पद के लिए सीनियरिटी के हिसाब से दो आईएएस अफसर रेस में हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ एक महिला आईएएस भी इस पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि मौजूदा सीएस को एक्सटेंशन मिलेगा या नहीं, इसका फैसला अगस्त के अंतिम सप्ताह में होगा।
अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो सीनियरिटी के हिसाब से अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा इस पद के प्रबल दावेदार होंगे। लेकिन अपर मुख्य सचिव वन व पर्यावरण अशोक बर्णवाल और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में पदस्थ अलका उपाध्याय भी इस रेस में शामिल हैं। सीएम के एसीएस रहे, उज्जैन संभाग के प्रभारी अनुराग जैन के रिटायर होने के बाद डॉ. राजेश राजौरा सबसे वरिष्ठ आईएएस अफसर होंगे, क्योंकि जैन के बैच (1989) के ही जेएन कंसोटिया भी इसी माह रिटायर हो रहे हैं। डॉ. राजौरा मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव रह चुके हैं। वह मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र उज्जैन संभाग के प्रभारी भी हैं। मुख्य सचिव वीरा राणा के रिटायर (6 महीने का एक्सटेंशन मिलने के बाद 30 सितंबर 2024) होने के बाद माना जा रहा था कि डॉ. राजेश राजौरा को यह पद मिलेगा, लेकिन अनुराग जैन केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आए और उन्हें मुख्य सचिव बनाया गया था।
अलका उपाध्याय: एमपी में दौरों को लेकर दिलचस्पी
पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में सचिव अलका उपाध्याय भी मुख्य सचिव पद की दौड़ में हैं। 1990 बैच में डॉ. राजौरा के बाद वरिष्ठता में अलका उपाध्याय दूसरे नंबर पर हैं। उनका रिटायरमेंट मई 2026 में है यानी वे मुख्य सचिव बनती हैं तो उनका कार्यकाल 9 महीने का होगा। पिछले दो महीने में जिस तरह से एमपी के दौरों को लेकर अलका उपाध्याय ने दिलचस्पी दिखाई है, इसके बाद यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि सीएस पद के लिए राजौरा की दावेदारी के साथ अलका उपाध्याय भी सक्रिय हैं। वे यहां होने वाली प्रशासनिक गतिविधियों की भी रिपोर्ट ले रही हैं। वे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग जैसे अहम मंत्रालय की कमान संभाल चुकी हैं।