भोपाल की आदमपुर कचरा खंती खतरनाक... यहां का पानी न सिर्फ पीने बल्कि सब्जी और फसलों के पैदावार के लिए भी ठीक नहीं
भोपाल।
भोपाल की आदमपुर कचरा खंती में आग की घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे प्रकरण में मंगलवार को सुनवाई हुई। जिसमें सीपीसीबी (सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड) ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। कोर्ट ने 16 मई की सुनवाई में सीपीसीबी से रिपोर्ट तलब की थी। 80 पेज की रिपोर्ट में सीपीसीबी ने कोर्ट को बहुत कुछ बताया है। प्रकरण में अगली सुनवाई पांच दिन बाद संभावित है। मामले में भोपाल के पर्यावरणविद् डॉ. सुभाष सी. पांडे ने कहा कि सीपीसीबी की 80 पेज की रिपोर्ट में स्थिति ठीक नहीं बताई गई है। पानी में 100 गुना से ज्यादा आयरन मिला है। यहां का पानी न सिर्फ पीने बल्कि सब्जी और फसलों के पैदावार के लिए भी ठीक नहीं है।
बता दें कि यह मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से जुड़ा है। पर्यावरणविद् डॉ. पांडे ने आदमपुर खंती में आग लगने की घटनाओं को लेकर एनजीटी में मार्च 2023 में याचिका दाखिल की थी। इस पर 31 जुलाई-23 को नगर निगम पर 1 करोड़ 80 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। एनजीटी के इस आदेश के खिलाफ निगम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। जिस पर 16 मई-25 को सुनवाई हुई थी। इसमें निगम की ओर से जुर्माने की राशि माफ किए जाने की मांग रखी गई थी। पर्यावरणविद् डॉ. पांडे की ओर से अभिभाषक हर्षवर्धन पांडे ने पक्ष रखा था। सुनवाई के दौरान अभिभाषक पांडे ने कोर्ट में तस्वीरें दिखाते हुए कहा था कि जिस बात के लिए निगम ने याचिका दाखिल की है, वह तो अभी भी लग रही है। पांडे ने 22 अप्रैल को आदमपुर खंती में लगी भीषण आग का उल्लेख भी किया। यह आग कई दिन में बुझी। धुआं कई किलोमीटर दूर से भी दिखाई दिया।

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