भोपाल। 
भोपाल में 90 डिग्री ब्रिज के बाद अब जेपी अस्पताल के नए भवन के निर्माण में एक और बड़ी इंजीनियरिंग चूक सामने आई है. 26 करोड़ रुपये की लागत से बने इस नए भवन को पुराने अस्पताल भवन से जोड़ने की योजना को ही भूल गए. इस गलती के कारण अब दोनों भवनों को जोड़ने के लिए अलग से एक ब्रिज बनाना पड़ेगा. यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इतने बड़े प्रोजेक्ट में ऐसी लापरवाही लोगों के लिए हैरानी की बात है.
जेपी अस्पताल के नए भवन का निर्माण मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए किया गया था. इस भवन को पुराने अस्पताल से जोड़कर मरीजों और कर्मचारियों के लिए सुगम आवागमन सुनिश्चित करना था. लेकिन निर्माण के दौरान इस महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी को नजरअंदाज कर दिया गया. अब सरकार ने इस समस्या को हल करने के लिए एक ब्रिज बनाने का फैसला किया है, ताकि दोनों भवनों के बीच आवाजाही आसान हो सके. इस अतिरिक्त निर्माण से समय और लागत दोनों बढ़ने की संभावना है.
जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन ने इस मामले पर सफाई दी है. उन्होंने बताया कि भवन बनाने वाली कंपनी ने दावा किया है कि उसने भवन को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है. लेकिन अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भवन का हस्तांतरण तब तक नहीं लिया जाएगा, जब तक इसका पूरा निरीक्षण नहीं हो जाता और सारे जरूरी काम पूरे नहीं हो जाते. नए और पुराने भवन को जोड़ने के सवाल पर सिविल सर्जन ने कहा कि यह मामला अब सरकार के हाथ में है, और सरकार ही इस पर अंतिम फैसला लेगी. यह घटना भोपाल में सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता और योजना पर सवाल उठाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट में ऐसी चूक अस्वीकार्य है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस समस्या को कैसे और कब तक हल करती है. अस्पताल प्रशासन और सरकार से उम्मीद है कि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान किया जाएगा, ताकि मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो.