इंदौर। 
इंदौर एयरपोर्ट पर यात्री को चूहे काटने की घटना ने तूल पकड लिया है। इस मामले में ड्यूटी पर तैनात डाॅक्टर हर्षवर्धन सिंह को हटा दिया गया है। इस घटना को लेकर उन्हें नोटिस भी दिया गया है। चूहा काटने के बाद इंजेक्शन लगाने वाले के लिए यात्री अरुण मोदी डाॅक्टर के पास गए थे, लेकिन वहां न तो रैबीज का इंजेक्शन मिला न टिटनेस का इंजेक्शन था। यात्री ने नाराजगी जाहिर की तो टिटनेस का इंजेक्शन की बड़ी मुश्किल से व्यवस्था कराई गई और उन्हें लगाया। बाद में यात्री को बेंगलुरु जाकर रैबिज का इंजेक्शन लगवाना पड़ा था। उधर इस मामले को कांग्रेस भी उठाने की तैयारी कर रहे है। प्रवक्ता अमित चौरसिया का कहना है कि पेस्ट कंट्रोल के नाम पर अलग-अलग विभाग घोटाला करते है। इस कारण चूहों की समस्या खड़ी हो गई है।
पेंट में घुस गया था चूहा
इंडिगो की फ्लाईट का टिकिट लेकर यात्री अरुण मोदी इंदौर एयरपोर्ट पर अपनी पत्नी के साथ गए थे। उड़ान में समय था, इसलिए वे कुछ देर के लिए पैसेंजर ब्लॉक में बैठ गए। इस बीच एक चूहा कही से आया और उनकी पेंट में घुस गया। उन्होंने चूहे को पकड़ा तो उसने घुटने के उपर काट लिया। मोदी को अपनी पेंट उतरना पड़ी और चूहे को पकड़ा। उन्होंने पैर पर घाव देखा तो अपने परिचित डॉक्टर को कॉल किया। डॉक्टर ने रैबीज का इंजेक्शन लगाने की सलाह दी लेकिन मोदी को एयरपोर्ट की मेडिकल डेस्क पर रैबीज का इंजेक्शन नहीं मिला। उन्होंने टिटनेस का इंजेक्शन लगाने के लिए कहा, लेकिन उसकी भी व्यवस्था नहीं हो पाई। देरी के बाद टिटनेस का इंजेक्शन अरेंज कर लगाया गया। इस बीच विमान के उड़ान भरने का भी समय हो गया था। इस कारण उन्होंने बेंगलुरु जाकर उन्होंने रैबिज का इंजेक्शन लगाना उचित समझा। अरुण बेंगलुरु की आईटी कंपनी में कार्यरत है भोपाल में रहते हैं। आपको बता दें कि इंदौर एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा है, लेकिन उस हिसाब से व्यवस्था पुख्ता नहीं है। परिसर में अक्सर कुत्ते भी घूमते नजर आते है और चूहों के दिखाई देने की शिकायतें भी अक्सर सामने आती है। एयरपोर्ट के चूहा कांड के बाद एयरपोर्ट प्रंबधन ने चूहों को भगाने के लिए पेस्ट कंट्रोल करवाया है।