भोपाल। 
वोट डिलीट की आंच अब मध्य प्रदेश तक पहुंच चुकी हैं। राहुल गांधी के बाद एमपी कांग्रेस ने वोट डिलीट का आरोप लगाया है। भोपाल की मध्य विधानसभा में साढ़े सात हजार वोट डिलीट होने की बात कही है। वहीं इस पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार हैं। देश में इस समय वोट चोरी और वोट डिलीट का मुद्दा उठ रहा है। विपक्ष की ओर से लगातार सत्तारूढ़ पार्टी पर वोट चोरी का आरोप लगाया जा रहा है। इसे लेकर जमकर सियासत भी हो रही है। इस बीच एमपी कांग्रेस ने वोट डिलीट के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि मेरी खुद की विधानसभा में पिछली बार साढ़े सात हजार वोट डिलीट हुए थे और ये वोट एन टाइम पर डिलीट किए गए थे। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम था, मतदाता वहां रहते थे, लेकिन अंदर वोट डालने गए तो सील लगे हुए थे। वहीं इस पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। बीजेपी ने कहा कि कुरीतियां, अलोकप्रियता, वादा खिलाफी, अत्याचार के कारण वोट कम होंगे ही। कांग्रेस मध्य प्रदेश में 2020 से चुनाव हार रही है, लेकिन पहले वोट डिलीट की बात नहीं कही, 2018 में भी वोट डिलीट की बात नहीं कही, अब राहुल गांधी की बात में हां में हां मिलाना है। प्रथम परिवार का नियम ही है, उनकी हां में हां मिलाने के लिए वोट डिलीट की बात कर रहे हैं।