भोपाल। 
मध्यप्रदेश में खाद की कमी को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान खाद की कमी से परेशान हैं. सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात तो करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है. सिंघार ने कहा कि जब सरकार तानाशाही रवैया अपनाती है, तो विरोध स्वाभाविक है. अगर यही स्थिति रही, तो देश में बड़ा बदलाव या तख्तापलट भी हो सकता है यानी उनके कहने का मतलब है कि भारत में भी जल्द तख्तापलट हो सकता है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार खाद उपलब्ध क्यों नहीं करा पा रही है? मध्यप्रदेश में 45% से अधिक लोग किसान हैं, फिर भी खाद की कमी बनी हुई है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पंजाब में घूम रहे हैं, शायद मध्यप्रदेश के किसानों को भूल गए हैं. वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव स्कूटी बांट रहे हैं, जिसके लिए बधाई दी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि किसानों को खाद की बोरी भी बांट देनी चाहिए थी. सिंघार ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में किसानों को खाद की जगह लाठियां मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश के बाद मध्यप्रदेश में खाद की मांग सबसे ज्यादा है, लेकिन यह सिर्फ बयानों और केंद्र सरकार के पोर्टल पर ही उपलब्ध है. पिछले तीन सालों में 16 लाख टन यूरिया और 7 लाख टन अन्य खाद उपलब्ध थी, लेकिन यह किसानों तक नहीं पहुंची.उन्होंने सरकार की खाद वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैनेजमेंट और प्लानिंग में कमी है. केंद्र से कितनी खाद मांगी गई, इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि खाद की मांग पंचायत स्तर पर मंगवाकर उसी के अनुसार वितरण किया जाए, न कि सोसायटी के जरिए. इससे खाद की कमी को दूर किया जा सकता है. परिवारवाद के मुद्दे पर सिंघार ने बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बीजेपी हमेशा नए-नए मुद्दे उठाती है. परिवारवाद में कई लोग शामिल हैं, लेकिन जो योग्य है, उसे राजनीति में मौका मिलना चाहिए, चाहे वह परिवार से हो या न हो. योग्यता को प्राथमिकता देनी चाहिए.