एमपी में शिक्षा का गोरखधंधा... स्कूल की बिल्डिंग में चल रही थी यूनिवर्सिटी, EOW में शिकायत दर्ज
भोपाल, सबकी खबर।
मध्य प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की मान्यता और उनके संचालन को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। आरटीआई कार्यकर्ता भगवान सिंह राजपूत ने आर्यावर्त विश्वविद्यालय (सीहोर) पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मान्यता लेने और भारी भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, सीहोर के श्यामपुर में स्थित 'रुक्मणी देवी पब्लिक स्कूल' की पुरानी बिल्डिंग को ही कागजों पर 'आर्यावर्त विश्वविद्यालय' दिखा दिया गया। 2022 में आवेदन के वक्त 190 क्लासरूम और 66 लैब होने का दावा किया गया था, जो धरातल पर मौजूद नहीं थे।
आरोप है कि जांच समिति में शामिल बड़े अधिकारियों और प्रोफेसरों ने बिना भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के फर्जी रिपोर्ट लगाकर यूनिवर्सिटी को मान्यता दिलाने में मदद की। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब सीहोर कलेक्टर ने इस मामले की जांच शुरू करवाई, तो उच्च शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने फोन कर जांच रुकवा दी। आरोप लगाया गया है कि पुष्पेंद्र सिंह गौतम द्वारा संचालित 'श्रीराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन' पिछले 10 साल से केवल कागजों पर चल रहा है, जबकि उस जमीन पर आज भी खेती हो रही है। इसी तरह एपीएस महाविद्यालय को भी फर्जी तरीके से शिफ्ट करने का आरोप है। चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि ये संस्थान केवल डिग्री बेचने और सरकारी स्कॉलरशिप हड़पने का केंद्र बन गए हैं। शिकायतकर्ता भगवान सिंह राजपूत ने भोपाल स्थित आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में 10 पन्नों की विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच होती है, तो शिक्षा विभाग और यूनिवर्सिटी प्रबंधन से जुड़े कम से कम 100 लोग जेल जाएंगे। फिलहाल ईओडब्ल्यू मामले की जांच कर रहा है। सबकी खबर ने इस मामले को लेकर यूनिवर्सिटी के संचालक पुष्पेंद्र सिंह गौतम से उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। अब यह मामला मुख्यमंत्री और राज्यपाल की चौखट तक पहुंचने की तैयारी में है।

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