"महाराज ने बजवाईं तालियां, मुख्यमंत्री ने लगाया गले: घाटीगांव के मंच पर दिखी सिंधिया और सीएम यादव की गजब केमिस्ट्री"
ग्वालियर/घाटीगांव।
मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों तालियों की गड़गड़ाहट और नेताओं के बीच की केमिस्ट्री चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्वालियर के घाटीगांव में आयोजित 'लाड़ली बहना' कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बीच एक अनूठी और दिलचस्प जुगलबंदी देखने को मिली। मंच से न केवल एक-दूसरे की जमकर तारीफ हुई, बल्कि सिंधिया ने मजाकिया लहजे में सीएम से क्षेत्र के लिए कई मांगें भी मनवा लीं।
'महाराज' का मुख्यमंत्री के लिए 'ऐतिहासिक स्वागत'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रति गहरा सम्मान प्रकट किया। उन्होंने ग्वालियर और उज्जैन (मालवा) के ऐतिहासिक संबंधों को जोड़ते हुए कहा: पुराने ग्वालियर स्टेट की धरती से हमारा मुख्यमंत्री बना है, इसलिए तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका ऐतिहासिक स्वागत होना चाहिए।"
सिंधिया ने सीएम यादव को ‘डबल-हैंडेड बैट्समैन’ की उपाधि दी, जिस पर पूरा पंडाल तालियों से गूँज उठा। सिंधिया ने चुटकी लेते हुए यह भी स्पष्ट किया कि ये तालियाँ यूं ही नहीं बजवाई जा रही हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "अब हम मुख्यमंत्री से कुछ मांगेंगे," और इसके बाद उन्होंने क्षेत्रीय विकास से जुड़ी 7 प्रमुख मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।
सीएम का पलटवार: "हमारे महाराज ने भी लगाए चौके-छक्के"
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सिंधिया के प्रति उतनी ही गर्मजोशी दिखाई। उन्होंने सिंधिया की तारीफ में कहा कि "हमारे महाराज ने भी (विकास और राजनीति के मैदान में) खूब चौके-छक्के लगाए हैं।" संबोधन समाप्त होने के बाद जब सिंधिया अपनी सीट पर लौटे, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें गले लगाकर उनका स्वागत किया, जिसने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरी हैं।
कांग्रेस पर निशाना: "मेरा दिमाग हाथी जैसा है"
अपने संबोधन के दौरान सिंधिया ने विपक्षी दल कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि उन्हें 11 फरवरी 2024 की अपनी मंदिर यात्रा की तारीख आज भी याद है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में चेतावनी देते हुए कहा: मेरा दिमाग हाथी जैसा है, मैं कुछ भूलता नहीं हूं।"यह बात कांग्रेस भी अच्छी तरह से जानती है।" राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ग्वालियर-चंबल संभाग में मुख्यमंत्री और सिंधिया के बीच यह 'ट्यूनिंग' भाजपा के भीतर बढ़ते समन्वय का संकेत है। जहां एक ओर लाड़ली बहना योजना के जरिए महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई, वहीं दूसरी ओर दोनों कद्दावर नेताओं की इस जुगलबंदी ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है।

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