'जीतू पटवारी को टपोरीलाल कहना सही': BJP विधायक चंद्रवंशी बोले- मुख्यमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष को सही रास्ते पर ला दिया
भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को शुजालपुर की सभा में "टपोरीलाल" कहे जाने के बाद शुरू हुआ सियासी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब कालापीपल से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, उससे भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों के मन में लंबे समय से पीड़ा थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने उसी भाषा में जवाब देकर उन्हें सही रास्ते पर लाने का काम किया है। चंद्रवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो कहा, वह केवल उनकी व्यक्तिगत भावना नहीं थी, बल्कि भाजपा के कई कार्यकर्ताओं और आम लोगों के मन की बात थी। उनके मुताबिक, राजनीति में मर्यादित भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए, लेकिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लगातार ऐसे शब्दों का प्रयोग करते रहे हैं, जो सार्वजनिक जीवन की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।
"हमारे मन की बात मुख्यमंत्री ने कह दी"
भाजपा विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जो टिप्पणी की, वह वास्तव में उनके मन में भी थी, लेकिन वे उसे सार्वजनिक रूप से नहीं कह पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जीतू पटवारी लगातार मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक भाषा का उपयोग करते रहे हैं और उनकी शब्दावली राजनीतिक शिष्टाचार की सीमाओं से बाहर रही है। चंद्रवंशी ने कहा कि जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करते हैं, वैसी भाषा तो कोई अशिक्षित व्यक्ति भी नहीं करता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रति जिस तरह के संबोधन और टिप्पणियां की गईं, उससे भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी।
"लाड़ली बहनों पर की गई टिप्पणियां लोगों को चुभीं"
विधायक ने जीतू पटवारी के पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने लाड़ली बहना योजना की हितग्राहियों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। चंद्रवंशी के अनुसार, ऐसे बयान प्रदेश की महिलाओं और योजना से जुड़ी बहनों का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। अगर कोई नेता लगातार मर्यादा तोड़ेगा तो उसकी प्रतिक्रिया भी सामने आएगी।
"ऐसे लोग इसी भाषा से समझते हैं"
घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो जवाब दिया, उसके बाद कांग्रेस नेताओं को महात्मा गांधी और उनके आदर्श याद आने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस खुद गांधीवादी राजनीति की बात करती है, लेकिन उसके नेताओं की भाषा उससे मेल नहीं खाती। उन्होंने कहा कि राजनीति में संवाद का स्तर गिराने की शुरुआत कांग्रेस नेताओं ने की और अब जब जवाब मिला तो उसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक ऐसे लोग उसी भाषा में बात समझते हैं, इसलिए मुख्यमंत्री का जवाब उचित था।
"कल से उनकी भाषा में भी सुधार दिखाई दे रहा है"
भाजपा विधायक ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बाद जीतू पटवारी की भाषा में बदलाव दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस नेता गांधीजी के आदर्शों की बात कर रहे हैं और संयमित भाषा का उपयोग करने लगे हैं। चंद्रवंशी ने कहा कि यदि इस घटनाक्रम से राजनीतिक संवाद में मर्यादा लौटती है तो इसका स्वागत होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने एक बड़े राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष को सही रास्ते पर लाने का काम किया है और उम्मीद है कि आगे भी उनकी भाषा में सुधार बना रहेगा।

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