'कॉकरोच जनता पार्टी' पर गरमाई सियासत: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बड़ा बयान, 'यह मजाक नहीं, घोटालों और बेरोजगारी से नाराज युवाओं का गुस्सा है!
भोपाल।
सोशल मीडिया पर धमाल मचाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर मध्यप्रदेश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके के मुताबिक, सोशल मीडिया कैंपेन से पार्टी की शुरूआत हुई। अभिजीत के मुताबिक, ट्विटर (x) पर सीजेई (भारत के मुख्य न्यायाधीश) का बयान देख रहा था जहां पर वो सिस्टम की आलोचना करने और राय देने के लिए देश के युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर रहे थे।" मुझे ये सब कुछ बेहद हास्यस्पद लगा क्योंकि सीजेआई को देश के संविधान का संरक्षक माना जाता है। वो संविधान जो हर किसी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आज़ादी देता है। वो कैसे युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर सकता है।" उनके बयान से मुझे गुस्सा और निराशा एक साथ हुई तो ट्विटर पर मैंने इस पर अपनी राय दी। मैंने पूछा कि सब कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा? इस पर मुझे बेहद हैरान कर देने वाला रिस्पॉस मिला। मुझे जेन ज़ी और 25 साल तक के युवाओं के जवाब मिले और उन्होंने कहा कि हमें साथ आना चाहिए और एक प्लेटफ़ॉर्म बनाना चाहिए।" इसके बाद ऐसी शुरुआत हुई कि एक्स पर कांग्रेस को भी पछाड़ दिया।
MP में गरमाई सियासत
इधर मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे बेरोजगारी, पेपर लीक और भर्ती घोटालों से नाराज युवाओं की आवाज बताते हुए सरकार पर सोशल मीडिया ट्रेंड दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब युवाओं को लगातार नजरअंदाज किया जाता है, तब उनका गुस्सा नए रूप में सामने आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सोशल मीडिया पर उठ रही आवाजों से डर रही है और अकाउंट बंद करने जैसी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि व्यापमं जैसे पुराने घोटालों से लेकर हाल के पेपर लीक मामलों तक, युवाओं का भरोसा लगातार टूटा है। यही वजह है कि अब सोशल मीडिया आंदोलन का मंच बनता जा रहा है। सिंघार ने इस ऑनलाइन ट्रेंड को युवाओं की नाराजगी और सिस्टम से मोहभंग का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मजाक या वायरल मीम नहीं, बल्कि बेरोजगारी, पेपर लीक और भर्ती घोटालों से परेशान युवा वर्ग की दबाई जा रही आवाज है। सिंघार के मुताबिक लगातार बढ़ती बेरोजगारी और परीक्षाओं में गड़बड़ियों ने युवाओं में गहरा असंतोष पैदा किया है।
जल्द जारी होगी नई कार्यकारिणी
मध्यप्रदेश की राजनीति में भी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की एंट्री ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। भोपाल में आयोजित पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पार्टी ने खुद को औपचारिक रूप से प्रदेश की राजनीति में स्थापित करने का दावा किया है। पार्टी के नेताओं ने युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों के मुद्दों को केंद्र में रखकर बड़े जन आंदोलन की शुरुआत करने की बात कही है। पार्टी ने घोषणा की है कि मध्यप्रदेश में जल्द ही प्रदेश कार्यकारिणी और जिला स्तर की इकाइयों का गठन किया जाएगा। इसके लिए एक विस्तृत नियमावली तैयार की जा रही है। साथ ही देशभर में संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान चलाने की योजना भी बनाई गई है।
युवाओं को जोड़ने का बड़ा दावा, 1 करोड़ का टारगेट
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी प्रतिनिधियों ने दावा किया कि उनका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को एकजुट कर एक मजबूत जन आंदोलन खड़ा करना है। पार्टी का लक्ष्य मध्यप्रदेश में करीब 1 करोड़ युवाओं को जोड़ने का रखा गया है। वहीं सोशल मीडिया पर पार्टी की पहुंच तेजी से बढ़ने का दावा करते हुए कहा गया कि यह आंकड़ा जल्द ही और व्यापक हो सकता है। बड़ी संख्या में युवाओं में भी कॉकरोच जैसे ट्रेंड के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यह ऑनलाइन अभियान शुरुआत में एक बयान के विरोध से जुड़ा था, लेकिन अब यह युवाओं की बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों से भी जुड़ गया है।

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