सीएम मोहन यादव का ऑन-द-स्पॉट एक्शन: अफसरों की गैर-जिम्मेदाराना दलील पर भड़के मुख्यमंत्री, बोले— 'नीचे वाला कौन है? उसे सस्पेंड करो!'
भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में 5 प्रमुख विभागों की समीक्षा बैठक ली। इसमें खराब तैयारी, अधूरी जानकारी और जिम्मेदारी टालने वाले रवैये पर मुख्यमंत्री सख्त नजर आए। उन्होंने दो वरिष्ठ अफसरों की जमकर खिंचाई करते हुए साफ कहा कि विभागों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। रिजल्ट जमीन पर दिखना चाहिए।सबसे तीखा घटनाक्रम जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में हुआ।
विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा जब आगामी कैबिनेट प्रस्तावों की जानकारी दे रहे थे, तब मुख्यमंत्री ने एक प्रस्ताव पर सवाल उठाया। इस पर बामरा ने कहा- ‘नीचे वालों ने बनाकर भेज दिया है।’ यह सुनते ही मुख्यमंत्री नाराज हो गए। उन्होंने कहा, ‘प्रेजेंटेशन मुझे दे रहे हो और कह रहे हो नीचे वालों ने भेज दिया। नीचे वाला कौन है? उसे सस्पेंड करो। मेरे सामने लेकर आओ।’ पशुपालन विभाग की समीक्षा में भी सीएम ने प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव को फटकार लगाई। मामला नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) और राज्य सरकार के बीच एमओयू के बाद आगे की कार्यवाही से जुड़ा था। सीएम ने पूछा कि डेयरी सेक्टर को मजबूत करने की योजना पर काम आगे क्यों नहीं बढ़ा? उमराव ने कहा कि एनडीडीबी ने डीपीआर नहीं भेजी। हालांकि एनडीडीबी अधिकारियों ने बैठक में ही कहा कि डीपीआर और विकल्प पहले ही भेजे जा चुके हैं।इस पर सीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘सुबह एनडीडीबी अधिकारियों के साथ बैठक करिए और शाम तक वित्त विभाग के सामने रिजल्ट चाहिए।’ मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी इस रवैये पर नाराजगी जताई। सीएम ने समीक्षा के दौरान कहा कि पिछले 10 दिनों में जिन विभागों की कमियां सामने आई हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए।
स्कूल शिक्षा और सहकारिता विभाग में खरीदी से जुड़े मामलों में टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखने के निर्देश दिए गए।
स्कूल शिक्षा : जुलाई से पहले अतिथि शिक्षक भर्ती
मुख्यमंत्री ने कक्षा 8 से 12 तक एआई को पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्देश दिए।
ड्रॉप आउट और 8वीं में फेल बच्चों के लिए ओपन बोर्ड के जरिए हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी पास करने की नई योजना बनाने के निर्देश दिए गए।
1 जुलाई से पहले अतिथि शिक्षकों की भर्ती पूरी करने को कहा गया।
स्कूलों में बाउंड्री वॉल और जर्जर भवनों की मरम्मत हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए गए।
सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने को कहा गया।
निजी स्कूल खोलने के लिए सामाजिक संस्थाओं और
संगठनों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
पीडब्ल्यूडी : ढाई साल में पूरा होगा वेस्टर्न बायपास
नई सड़क या परियोजना की मंजूरी से पहले चीफ इंजीनियर स्तर पर साइट एनालिसिस अनिवार्य किया गया है। पीएम गति शक्ति पोर्टल, जीआईएस आधारित प्लानिंग और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली लागू हो चुकी है।
सीएस जैन बोले- पीडल्ब्यूडी के नवाचार को पीएम अवार्ड के लिए भेजना चाहिए।
मालवा-निमाड़ विकास पथ, नर्मदा प्रगति पथ और विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं का काम शुरू होने की जानकारी दी गई।
भोपाल वेस्टर्न बायपास (35.6 किमी) को ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य। जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन रिंग रोड डेढ़ साल में पूरे करने के निर्देश दिए गए।
सिंहस्थ-2028 से पहले इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन सहित क्षेत्र की प्रमुख सड़कें पूरी करने को कहा गया। {सड़कों को उनकी उपयोगिता के आधार पर ‘कृषक पथ’, ‘आस्था पथ’ और ‘विकास पथ’ जैसे नाम देने की नई शुरुआत होगी।
पीडब्ल्यूडी को अन्य विभागों के साथ मिलकर गांवों से शहरों में फल-सब्जी लाने वाले किसानों को हेलमेट वितरित करने के निर्देश दिए गए।
भोपाल और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र को नई सड़कों से जोड़ने और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

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