भोपाल। 
शिवपुरी में प्रधानमंत्री की मिमिक्री करने पर एक शिक्षक को सस्पेंड किए जाने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करार दिया है।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार
सिंघार ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज के दौर में क्या सवाल पूछना या अपनी बात रखना अपराध की श्रेणी में आ गया है? उन्होंने कहा: "एक शिक्षक को महज मनोरंजन या कटाक्ष के लिए निलंबित करना यह दर्शाता है कि सरकार आलोचना झेलने की शक्ति खो चुकी है। यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि आवाज दबाने की तानाशाही प्रवृत्ति है।"
महंगाई और जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
जब प्रदेश की जनता महंगी गैस, पेट्रोल और डीजल की मार झेल रही है, तब सरकार समस्याओं को सुलझाने के बजाय एक शिक्षक के पीछे पड़ी है। सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि आज प्रदेश के युवाओं और कर्मचारियों के साथ जो वादे किए जा रहे हैं, क्या वे खुद एक 'बड़ी मिमिक्री' नहीं हैं?जनता की पीड़ा को दबाने से समस्याएं खत्म नहीं होतीं, बल्कि आक्रोश और बढ़ता है।
सरकार को नसीहत
उमंग सिंघार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार का काम जनता को दंड देना नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि शिक्षक के खिलाफ की गई इस दमनकारी कार्रवाई को तुरंत वापस लिया जाए।