भोपाल। 
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल आज सुबह गोलियों की गड़गड़ाहट से दहल उठी। कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए बदमाशों ने न केवल एक व्यक्ति के घर पर हमला किया, बल्कि शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले हमीदिया अस्पताल के अंदर घुसकर भी फायरिंग की। यह सनसनीखेज वारदात राजधानी की पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
यह है मामला 
शनिवार सुबह करीब 5:45 बजे अशोका गार्डन इलाके में रहने वाले लल्लू रईस के बेटे का पीछा करते हुए कुख्यात बदमाश शादाब गेट और उसके करीब 8-10 साथियों ने उनके घर पर धावा बोल दिया। रईस जैसे ही अपने घर के दरवाजे पर पहुंचा, पीछे से बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाने के लिए वह घर के अंदर भागा, लेकिन एक गोली उसके पैर में जा लगी। हद तो तब हो गई जब घायल बेटे को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल ले जाया गया। शादाब गेट और उसके गुर्गे वहां पहले से ही घात लगाकर बैठे थे। अस्पताल परिसर के भीतर, जहां मरीजों और तीमारदारों की भीड़ होती है, वहां भी इन बदमाशों ने बेखौफ होकर गोलियां चलाईं। पीड़ित लल्लू रईस का कहना है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी अपनी जान बचाकर भाग खड़े हुए और अस्पताल के स्टाफ ने किसी तरह उनकी जान बचाई।
मुख्यमंत्री और गृह विभाग को चुनौती
यह घटना मध्यप्रदेश सरकार और पुलिस विभाग के लिए एक बड़े कलंक की तरह है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जिनके पास गृह विभाग की भी जिम्मेदारी है, उनसे अब कड़े एक्शन की उम्मीद की जा रही है। भोपाल की जनता में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि अगर राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल में भी गुंडे सरेआम गोलियां चला सकते हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा?
पुलिस कमिश्नर से सख्त कार्रवाई की उम्मीद
भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय सिंह, जो नक्सलियों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं, उनके लिए ये बदमाश एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। अब देखना यह है कि क्या मध्यप्रदेश सरकार इन गुंडों का 'फन' कुचलने के लिए वैसा ही कड़ा कदम उठाएगी जैसा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय में देखा जाता था। शहर की शांति भंग करने वाले इन आरोपियों के खिलाफ अब केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि ऐसी मिसाल पेश करने वाली कार्रवाई की मांग उठ रही है जिससे दोबारा कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।